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देहरादून: उत्तराखंड चुनाव से ठीक पहले धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद समेत भाजपा से निष्कासित किये गये हरक सिंह रावत को आखिरकार आज कांग्रेस का दामन थामन लिया है। चुनाव से पहले कांग्रेस में एंट्री मिलने से हरक सिंह रावत सियासी पारी एक तरह से फिर से शुरू हो गई है। हरक सिंह रावत देहरादून में कांग्रेस कार्यालय में पार्टी में शामिल हुए।
सोनिया गांधी व राहुल गांधी की हरी झंडी के बाद हरक सिंह रावत को पार्टी में शामिल करने का अंतिम फैसला किया गया। हरक सिंह रावत अपनी बहू अनुकृति के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। इस दौरान पूर्व सीएम हरीश रावत मौजूद रहे। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने हरक सिंह रावत का पार्टी में स्वागत किया।
कांग्रेस में शामिल होने के बाद हरक सिंह रावत ने कहा कि इससे बड़ी माफी क्या हो सकती है कि प्रदेश में 10 मार्च को पूर्ण बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनेगी तो मुझे लगेगा कि मैंने माफी मांग ली। उस दिन मुझे सबसे ज़्यादा खुशी होगी। अमित शाह ने कहा था कि दोस्ती नहीं टूटनी चाहिए मैंने अंतिम समय तक दोस्ती नहीं तोड़ी।
बता दें कि हरक सिंह रावत को विगत रविवार को भाजपा ने पार्टी समेत सरकार से निकाला दिया था। बताया जाता है कि अब एक टिकट की शर्त पर हरक की कांग्रेस में वापसी हुई है। पार्टी से या तो हरक सिंह रावत को या फिर उनकी बहू को टिकट मिल सकता है।
हरक की वापसी में प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह व प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव लंबे समय से जुटे हुए थे।लेकिन पूर्व सीएम हरीश रावत ने 2016 के प्रकरण को देखते हुए उनकी वापसी को रोके रखा। वहीं हरक सिंह रावत के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस भवन देहरादून में खूब आतिशबाजी और नारेबाजी हुई।
Published : 21 January 2022, 4:46 PM IST
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