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नई दिल्ली: राजनीतिक दलों द्वारा जनता को मुफ्त योजनाओं को लेकर देश में जारी चर्चा के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरूवार को प्रेस कांफ्रेंस करके केंद्र सरकार पर जमकर तंज कसे। केजरीवाल ने कहा कि देश का पैसा देश की जनता के लिए है। यह नेताओं के दोस्तों के लोन माफ़ करने के लिए नहीं है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 2014 में केंद्र सरकार का लगभग 20 लाख करोड़ का बजट होता था। आज केंद्र का लगभग 40 लाख करोड़ का बजट है, ऐसे में सवाल यह है कि आखिर यह सारा पैसा गया कहां? इन्होंने अपने दोस्तों, धनाढ्य लोगों के 10-10 लाख करोड़ के कर्जे माफ कर दिये हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार देश की गरीब जनता के लिए शुरू की गई मुफ्त की योजनाओं को बंद करने की तैयारी में है। उन्होने कहा कि पिछले कुछ सालों हर चीज पर टैक्स लगाने और बढ़ाने के बावजूद भी केंद्र सरकार के पास पैसा नहीं है। यह बड़ा सवाल है कि आखिर केंद्र का पैसा गया कहां? क्या देश के पैसा नेताओं के दोस्तों के लोन माफ करने के लिए है?
केजरीवाल ने कहा कि आजादी के 75 साल में आज तक कभी ऐसा वक्त नहीं आया की गरीब के भोजन पर टैक्स लगे। दूध, दही, खाना-पीना इस सरकार ने महंगा कर दिया है। सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर कई तरह के टैक्स लगा रखे हैं। सरकार टैक्स के कई स्रोतों से बड़ा राजस्व अर्जित कर रही है लेकिन गरीब को उसका वाजिब हक देने को तैयार नहीं।
केजरीवाल ने कहा कि गरीबों को मुफ्त इलाज की व्यस्था, गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में मुफ्त पढ़ने की व्यस्था जैसी मूलभूत चीजों को केंद्र सरकार वापस लेने की तैयारी में है। कई राज्यों की सरकारी स्कूलों ने फीस बढ़ा दी है।
Published : 11 August 2022, 4:52 PM IST
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