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राष्ट्रपति चुनाव से पहले कांग्रेस विपक्ष को साथ लेकर एकजुट दिखने की भरसक कोशिश कर रही है। रविवार को आंध्र प्रदेश के गुंटूर में कांग्रेस की राज्य इकाई ने विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग के बहाने एक रैली आयोजित की। इसमें कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव, जदयू नेता शरद यादव, डी राजा और एस सुधाकर रेड्डी ने शिकरत की।
विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश): कोई कुछ भी कहे लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में दो युवा नेताओं की जोड़ी यूपी विधानसभा चुनाव की तर्ज पर बनी रहेगी। इसके पुख्ता संकेत मिले रविवार को।
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग के बहाने कांग्रेस ने एक संयुक्त रैली का आय़ोजन गुंटूर में किया। आयोजन भले कांगेस का था लेकिन इसमें हिस्सा लिया समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी। इस रैली में राहुल और अखिलेश के अलावा जेडीयू नेता शरद यादव, सीपीआई के महासचिव एस सुधाकर रेड्डी और डी राजा के साथ विपक्ष के दूसरे नेता भी शामिल हुए।

राष्ट्रपति चुनाव के ऐन पहले इस रैली का एक और मकसद है कि किसी भी तरह यह दिखाना कि पीएम नरेन्द्र मोदी से मुकाबले के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में समूचा विपक्ष एकजुट है।
राहुल ने रैली में जनता से वादा किया कि साल 2019 में लोकसभा चुनाव में अगर कांग्रेस सत्ता में आई, तो वह आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देगी।राहुल की इस कवायद का कितना फायदा विपक्ष को मिलेगा यह समय बतायेगा।
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