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नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीष जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर होली के अगले दिन कथित तौर पर भारी मात्रा में नकदी बरामद होने का मामले में अब तक रहस्य बना हुआ है। इस कैश कांड की जांच के लिये गठित जांच टीम मंगलवार को जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पहुंची है।
डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास पर मिली नकदी के लिये देश के प्रमुख न्यायाधीश ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया।
जस्टिस वर्मा के घर पहुंची तीन सदस्यीय जांच समिति में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति शील नागू, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक उच्च न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति अनु शिवरामन शामिल हैं।
जस्टिस यशवंत वर्मा के घर से मिले कैश की तस्वीरें सार्वजनिक हो गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास पर कथित रूप से 4-5 बोरियों में अधजले नोट पाए जाने के मामले की पूरी आंतरिक जांच रिपोर्ट, घटना से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो के साथ अपनी वेबसाइट पर अपलोड की हैं।
इस घटना पर जस्टिस वर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि घर के स्टोर रूम में उनके या उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने कभी भी कोई नकदी नहीं रखी थी। वे इस बात का खंडन करते नजर आए कि कथित नकदी उनकी थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि इस नकदी से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
जस्टिस यशवंत वर्मा के लुटियंस दिल्ली स्थित बंगले पर जली हुई बेहिसाब नकदी मिलने के बाद न्यायिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।
Published : 25 March 2025, 2:12 PM IST
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