महराजगंज में बौद्ध महासभा ने भरी हुंकार, जानिये क्यों जताया यूनेस्को का विरोध
भारतीय बौद्ध महासभा ने यूनेस्को के खिलाफ़ महराजगंज में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया है। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर

महराजगंज: बोध गया मंदिर अधिनियम 1949 द्वारा बौद्ध धर्म की विरासत बौद्धों से छीनकर यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त विश्व धरोहर के साथ छेड़छाड़ करने के विरोध में बुधवार को भारतीय बौद्ध महासभा ने नगर में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।
इस दौरान जिलाधिकारी के जरिए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया।
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डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार ज्ञापन के जरिये महासभा ने बताया कि बोध गया मंदिर के प्रबंधन और नियंत्रण को हिंदू और बौद्ध प्रतिनिधियों के संयुक्त बोर्ड को सौंपता है। जिसके तहत 9 सदस्सीय प्रबंधन समिति बनाई गई है।

महासभा ने कहा कि हिंदू बाहुल्य समिति बौद्धों को उनके अधिकारों से वंचित रखती है। यूनेस्को मान्यता प्राप्त विश्व धरोहर के साथ छेड़छाड़ कर बौद्ध धर्म के मूल स्वरुप को बदलने का निरंतर प्रयत्न कर रही है। जिससे बौद्ध धर्म का मूल अस्तित्व खतरे में पड़ता प्रतीत हो रहा है। इससे समानता के अधिकार का उलंघन हो रहा है।
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जिसको लेकर भारतीय बौध महासभा ने बुधवार को नगर में रैली निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के जरिए महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष महेंद्र गौतम, महासचिव मदन मोहन साहनी, जिला कोषाध्यक्ष हरी मद्देशिया, बौद्धाचार्य श्रवन पटेल, राम चंद्र बौद्ध, प्रणय गौतम, बुद्द्सागर समेत बड़ी की संख्या में लोग उपस्थित रहे।