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नयी दिल्ली: जर्मनी के बॉन में आयोजित दो सप्ताह की संयुक्त राष्ट्र जलवायु वार्ता बृहस्पतिवार को विकसित और विकासशील देशों के बीच वित्त मुद्दे को लेकर गतिरोध का समाधान निकाले बिना समाप्त हो गई।
विकसित देशों ने तापमान कम करने के उपायों की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया, जबकि विकासशील देशों ने उत्सर्जन को कम करने और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल होने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता की मांग की।
वर्ष के मध्य में होने वाली यह वार्ता साल के अंत में होने वाले वार्षिक सीओपी सम्मेलन के लिए राजनीतिक वार्ता का मंच तैयार करती है। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र रूपरेखा समझौते के पक्षों का सम्मेलन (सीओपी) साल के अंत में होगा।
वित्त और तापमान शमन के मुद्दों पर गतिरोध के कारण सरकारें सम्मेलन के अंतिम दिवस से एक दिन पहले ही बैठक के एजेंडे पर सहमति जता सकीं।
विकसित देश चाहते थे कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए इस महत्वपूर्ण दशक में उत्सर्जन कम करने के प्रयासों को तत्काल बढ़ाने का आह्वान करने वाले ‘न्यूनीकरण कार्यक्रम’ को एजेंडा में शामिल किया जाए।
हालांकि, विकासशील देशों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि वित्त पर चर्चा किये बिना तापमान कम करने के मुद्दे पर बातचीत नहीं हो सकती।
Published : 16 June 2023, 6:26 PM IST
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