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लखनऊ: भाजपा मुख्यालय पर हजारों की संख्या में प्रदर्शन कर रहे बीएड टीईटी-2011 परीक्षा पास उम्मीदवारों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। साथ ही पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। चोट लगने से कई महिला उम्मीदवार बेहोश भी हो गयी।
नई विज्ञप्ति निकालने की मांग पर प्रदर्शन
टीईटी परीक्षा पास उम्मीदवार 7 दिसम्बर 2012 से लंबित शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने और नई विज्ञप्ति निकालने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पहले तो पुलिस ने उन्हें काफी समझाने की कोशिश की लेकिन उम्मीदवारों के न मानने और उग्र प्रदर्शन करते रहने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। जिससे कई लोगों को चोटें भी आई। लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ मचने और चोट लगने से कई महिला उम्मीदवार बेहोश भी हो गयी।
शिक्षामित्रों पर अपना हक मारने का आरोप
बीएड टीईटी 2011 पास उम्मीदवारों ने शिक्षामित्रों पर अपना हक मारने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उनका हक शिक्षामित्रों को दिया जा रहा है।
दरअसल 7 दिसंबर 2012 को सरकार द्वारा 72825 प्रशिक्षुओं की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। इस भर्ती के लिए प्रत्येक उम्मीदवार से आवेदन हेतु प्रत्येक जनपद से 500 रुपये के हिसाब से फीस जमा कराई गई थी, जिसकी 4 फरवरी 2013 को काउंसलिंग भी हुई थी। लेकिन भर्ती प्रक्रिया पर उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने रोक लगा दी थी। जिसके बाद सर्वोच्च न्यायालय ने इस पर फैसला करते हुए इस इस विज्ञापन को सही ठहराया था। मामले में अभ्यर्थियों का कहना है कि हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन पुलिस ने हम पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया। साथ ही महिलाओं से भी पुलिस ने बर्बरता की।
Published : 10 August 2017, 7:06 PM IST
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