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कानपुर: यूपी पुलिस के सीओ सहित आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में फरार चल रहे मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे ने दबिश से पहले पुलिस टीम को धमकी दी थी। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दबिश की जानकारी मिलने के बाद फरार दुर्दांत अपराधी ने स्थानीय पुलिस के कई कर्मचारियों को साफ धमकी दी थी लेकिन विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
सूत्रों का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की धमकी देने के मामले की सूचना को आला अफसरों तक भी पहुंचा दिया गया था। लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। वांटेड विकास ने पुलिस को कहा धमकी में कहा था कि दबिश देने और गिरफ्तारी के लिये आने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
यह भी सामने आया कि मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे ने गांव के कुछ लोगों को भी यह कहकर अपने पक्ष में लिया था कि उसके कुछ दुश्मन उस पर अटैक करने के लिये आ सकते हैं। यह बात कहकर कुछ लोगों ने अपराधी विकास की मदद की थी।

इस बीच इस मामले में कानपुर के चौबेपुर के प्रभारी रहे विनय तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। विनय तिवारी को पुलिस की छापेमारी के बारे में हिस्ट्रशीटर विकास को सूचना देने के संदेह में निलंबित कर किया गया है। निलंबित एसओ के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जा सकता है।
एसटीएफ द्वारा विनय तिवारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इस बीच पुलिस ने आज अपराधी पुलिस दुबे का किलेनुमा मकान ढहा दिया है। उसकी लग्जरी गाड़ियों को जेसीबी से तोड़कर कबाड़ में तब्दील कर दिया है।
Published : 4 July 2020, 6:17 PM IST
Topics : अपराध उत्तर प्रदेश कानपुर निलंबन पुलिस विकास दुबे विनय तिवारी
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