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श्रीनगर: सेना की सामरिक चिनार कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने अगले महीने से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन तैयारियों की शुक्रवार को समीक्षा की।
दक्षिण कश्मीर के हिमालय में 3,880 मीटर ऊंची पवित्र गुफा के लिए 60-दिवसीय वार्षिक तीर्थयात्रा एक जुलाई को दो मार्गों से शुरू होने वाली है। इसमें पहला पारंपरिक मार्ग अनंतनाग जिले का नुनवान-पहलगाम मार्ग (दक्षिणी मार्ग) है, जो 48 किलोमीटर लंबा है, जबकि दूसरा (उत्तरी) मार्ग गांदरबल जिले का बालटाल मार्ग है, जिसकी दूरी भले 14 किलोमीटर है, लेकिन यह सीधी ढलान वाला रास्ता है।
चिनार कोर ने ट्वीट किया, 'चिनार कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने 2023 की अमरनाथयात्रा के लिए उत्तरी और दक्षिणी दोनों मार्गों पर सुरक्षा और परिचालन तैयारियों की आज समीक्षा की।'
सेना ने कहा कि कोर कमांडर के साथ आतंक-रोधी किलो और विक्टर बलों के कमांडर भी थे।
सेना ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल घई को यात्रा के सफल संचालन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था, चिकित्सा व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास के बारे में जानकारी दी गई।
Published : 16 June 2023, 6:01 PM IST
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