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लखनऊः सूबे में इन दिनों किसानों का मुद्दा गरमाया हुआ है। राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर लाखों टन फेंके पाए गए। लखनऊ की सड़कों पर शुक्रवार की रात से ही आलू फेंका जाने लगा था। यहां हैरान करने वाली बात यह है कि रात भऱ गश्त कर रही पुलिस को आलू फेंके जाने की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब मामला सामने आया तो हड़कम्प मच गया। दावा है कि ये आलू नाराज किसानों ने फेंके हैं। जबकि सरकार ने इस बात का खंडन करते हुए कहा है कि यह विपक्ष की साजिश है।
शनिवार सुबह लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर पाया गया। दावा किया जा रहा है कि ये आलू नाराज किसानों ने फेंके हैं। इस बारे में उत्तर-प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यह विपक्षियों की साजिश है। सड़को पर आलू फेंकना यह सब सुनियोजित है।
कृषि मंत्री ने सवाल किया कि जब पुराना आलू कोल्ड स्टोर में बचा ही नहीं तो कहां से फेंका जाएगा? सड़कों पर वो आलू फेंका गया है जो खराब हो गया है। प्रदेश की योगी सरकार ने 467 रूपए कुंतल के हिसाब से किसानों से आलू खरीदा है, जो आजतक किसी सरकार ने नही दिया है। किसानों के आलू राज्य से बाहर भेजने पर भी यूपी सरकार ने छूट दी है।
Published : 6 January 2018, 2:39 PM IST
Topics : आलू कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही राजभवन लखनऊ सीएम आवास
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