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आंध्र प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही राज्य में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते सोमवार को कुछ समय के लिए बाधित हुई। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर
अमरावती: आंध्र प्रदेश विधानसभा की कार्यवाही राज्य में सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी और तेलुगुदेशम पार्टी (टीडीपी) के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के चलते सोमवार को कुछ समय के लिए बाधित हुई।
सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक एलिजा ने कहा कि तेदेपा के विधायकों ने सदन की कार्यवाही बाधित की और लोकतंत्र एवं परंपरा के प्रति सम्मान नहीं दिखाते हुए इसे सुचारू रूप से नहीं चलने दिया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एलिजा ने बजट सत्र के सातवें दिन के घटनाक्रम के बारे में कहा, ‘‘तेदेपा विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष टी. सीताराम से दुर्व्यवहार किया, जो पिछड़ा वर्ग समुदाय से आते हैं।’’
उन्होंने कहा कि तेदेपा विधायक डी. वी. स्वामी अध्यक्ष के आसन की ओर बढ़े और सीताराम का हाथ पकड़ लिया।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायक सुधाकर बाबू ने आरोप लगाया कि तेदेपा प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू व्यवधान का कारण थे । उन्होंने तेदेपा के उन नेताओं के खिलाफ अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अत्याचार रोकथाम अधिनियम लगाने का आह्वान किया जिन्होंने उन पर हमला किया।
बाबू ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने उपमुख्यमंत्री नारायण स्वामी को भी अपशब्द कहे।
सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने एक बयान में कहा कि पिछले तीन वर्षों में जब भी सदन की बैठक बुलाई गई, तेदेपा ने उसे बाधित करने का एजेंडा बना लिया है।
इस बीच, दक्षिणी राज्य में प्रमुख विपक्षी नेता नायडू ने कहा कि वास्तव में सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने उनकी पार्टी के नेताओं पर हमला किया।
उन्होंने सोमवार को राज्य विधानसभा के इतिहास का सबसे काला दिन बताया और आरोप लगाया, ‘‘विधानसभा में हमारे विधायक डी स्वामी पर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के विधायकों द्वारा हमला किए जाने से स्तब्ध हूं..विधानसभा के पवित्र हॉल में ऐसी शर्मनाक घटना पहले कभी नहीं हुई।’’
हालांकि, इस संक्षिप्त व्यवधान के बाद सत्र की कार्यवाही फिर से शुरू हुई।
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