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ब्रासिलिया/ ब्यूनस: अमेजन के जंगलों में तेजी से फैलती आग और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद ब्राजील के राष्ट्रपति जैर बोल्सोनारो ने एक आदेश जारी करते हुए प्रशासन को सीमाई, आदिवासी और संरक्षित इलाक़ों में सेना तैनात करने को कहा है।
इस समय अमेज़न के जंगलों में भीषण आग लगी हुई है और इन जंगलों को दुनिया के ऑक्सीजन का मुख्य स्रोत माना जाता है। इसकी आग से करीब साढ़े सात अरब लोग प्रभावित हो सकते हैं।

पर्यावरण समूहों का कहना है कि यह आग बोलसोनारो की नीति से जुड़ी हुई है जिसे उन्होंने ख़ारिज किया है। वहीं, दूसरी ओर यूरोपीय नेताओं ने भी अमेज़न के जंगलों में लगी आग पर चिंता जताई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस आग को ‘दिल तोड़ने वाला बताते हुए कहा है’ कि यह ‘एक अंतरराष्ट्रीय समस्या’ है। उन्होंने कहा,“हम ऐसी हर संभव मदद के लिए तैयार हैं जिससे आग रोकी जा सकती है और जिससे पृथ्वी के सबसे बड़े चमत्कार को बचाया जा सकता है।”
जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल ने आग को आपातकालीन स्थिति बताते हुए कहा कि यह सिर्फ़ ब्राज़ील के लिए न केवल चौंकाने वाला और भयंकर है बल्कि यह दूसरे देशों के साथ-साथ दुनिया को भी प्रभावित करेगा।

अमेज़ॅन सहयोग संधि संगठन में वेनेजुएला के साथ कोलंबिया, इक्वाडोर, गुयाना, बोलीविया, सूरीनाम, ब्राजील और पेरू जैसे देश शामिल हैं।
फ्रांस के राष्ट्रपति ने अमेजन क्षेत्र को नष्ट करने वाले वन्यजीवों को बाहर निकालने की प्राथमिकता के तहत जी 7 शिखर सम्मेलन से पहले विश्व नेताओं से मुलाकात की।
इसी तरह, गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने आग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वैश्विक जलवायु संकट के बीच, दुनिया ऑक्सीजन और जैव विविधता के अपने प्रमुख स्रोत को खोने का जोखिम नहीं उठा सकती है। (वार्ता)
Published : 24 August 2019, 5:30 PM IST
Topics : Amazon environment India Tribal troops अंतरराष्ट्रीय आदिवासी जंगल ब्राजील सेना