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ठूठीबारी (महराजगंज): सरकार भले ही व्यापक स्तर पर स्वच्छता की मुहिम चला रही हो लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही से कई जगहों पर इसका कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। ठूठीबारी कस्बे में स्वच्छता अभियान दम तोड़ता दिख रहा है।
बीमारियों की आशंका
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक ठूठीबारी कस्बे में ग्राम सचिवालय, शहीद स्मारक के अलावा प्राथमिक विद्यालय भी है। यहां जगह-जगह दीवारों पर चित्रकारी के माध्यम से सफाई के संदेश भी दिए गए हैं।
यही नहीं यहां पर स्पष्ट शब्दों में यह भी लिखा गया है कि यहां गंदगी फेंकना सख्त मना है। बावजूद इसके यहां भारी गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे कभी भी संक्रामक बीमारियां अपने विकराल पैर पसार सकती हैं।

पर्यटकों में उदासीनता
ठूठीबारी कस्बा भारत-नेपाल की अंतररास्ट्रीय सीमा से जुडा होने के कारण पर्यटकों का इस बाॅर्डर से आना-जाना लगा रहता है। ऐसी परिस्थितियों में गंदगी का यह नजारा भारत के प्रति पर्यटकों के मन में कैसे छवि पैदा करेगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
ग्राम पंचायत बेपरवाह
कस्बे के सफाई की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत पर है। सफाईकर्मियों के कार्यों की मानिटरिंग न करने के कारण कस्बावासियों को गंदगी के बीच निकलने को विवश होना पड रहा है। स्थानीय नागरिकों ने तो यहां तक कहा कि अगर ग्राम पंचायत अधिकारी और प्रधान जागरूक हों तो सफाई व्यवस्था और मजबूत हो सकती है।
Published : 2 February 2024, 6:26 PM IST
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