Ahoi Ashtami Vrat 2024: अहोई अष्टमी पर जरूर करें ये 5 काम, जानें तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त

हिन्दू धर्म में अहोई अष्टमी का विशेष महत्व होता है। बच्चों की लंबी उम्र और समृद्धि की कामना के लिए रखे जाने वाले इस दिवस की तिथि, महत्व और शुभ मुहूर्त के बारे में जानें। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 22 October 2024, 9:59 PM IST
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नई दिल्ली: अहोई अष्टमी हिन्दू धर्म में माताओं के लिए विशेष पर्व है, जो अपने बच्चों की लंबी उम्र और समृद्धि की कामना के लिए रखा जाता है। यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन माताएं पूरे दिन निर्जल व्रत रखती हैं और शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं। 

तिथि और शुभ मुहूर्त

इस साल अहोई अष्टमी 24 अक्टूबर (गुरूवार) 2024 को पड़ रही है। कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 24 अक्टूबर को देर रात 01 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी। जबकि इसका समापन 25 अक्टूबर को देर रात 01 बजकर 58 मिनट पर होगा। 

इस दिन इन पांच कामों को करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। 

1. स्नान और संकल्प

अहोई अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। संकल्प में भगवान गणेश और माता अहोई की पूजा का ध्यान करके व्रत का आरंभ करें। शुद्ध मन से किया गया संकल्प आपको अच्छे फल दिलाएगा।

2. माता अहोई की पूजा

इस दिन माता अहोई की पूजा का विशेष महत्व है। दीवार पर अहोई माता की तस्वीर या चित्र बनाएं। पूजा के दौरान चावल, हल्दी, रोली और दूब का इस्तेमाल करें। अहोई माता को सफेद मिठाई, सिंघाड़े का हलवा या पुए अर्पित करें। पूजा के समय व्रत कथा का पाठ अवश्य करें।

3. तारों को अर्घ्य

शाम को जब तारे निकलते हैं, तब अहोई माता की पूजा करने के बाद तारों को जल का अर्घ्य दें। यह प्रक्रिया अहोई व्रत का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। मान्यता है कि तारों को अर्घ्य देने से संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

4. बड़ों का आशीर्वाद

अहोई अष्टमी के दिन बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना बहुत शुभ माना जाता है। अपनी माता, सास या किसी बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद लेकर अपने व्रत को संपन्न करें। इससे व्रती को संतान सुख और परिवार में खुशहाली प्राप्त होती है।

5. व्रत का पारण

तारों को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करें। व्रत खोलने के लिए दूध या मिठाई का सेवन करें। इस दिन व्रती को अन्न नहीं खाना चाहिए। व्रत का पारण करते समय भगवान गणेश और माता अहोई का ध्यान करें, जिससे आपके जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।
 

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Published : 
  • 22 October 2024, 9:59 PM IST

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