मानवाधिकार आयोग पहुंचा गैंगस्टर विकास दुबे की मुठभेड़ में मौत का मामला, जानिये.. किसने दर्ज कराई शिकायत

डीएन ब्यूरो

कानपुर के पास एनकाउंटर में मारे गये गैंगस्टर विकास दूबे की मौत का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। इस मामले में एक शिकायत दर्ज कराई गयी है। पूरी खबर..

मुठभेड स्थल पर जांच के लिये फांरेसिंक टीम
मुठभेड स्थल पर जांच के लिये फांरेसिंक टीम

कानपुर: चौबेपुर थाना के बिकरु गांव में पुलिस हत्याकांड में मोस्ट वांटेड अपराधी विकास दुबे को एसटीएफ द्वारा आज एक मुठभेड़ में मार गिराया गया है। इस मुठभेड़ को लेकर कई तरह के सवाल उठाये जा रहे है और राजनीतिक पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप भी लगा रही हैं। अब यह मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के पास भी पहुंच गया है।

कानपुर के पास हुए विकास दूबे के एनकाउंटर को लेकर तहसीन पूनावाला की ओर से मानवाधाकर आयोग में इस मुठभेड़ को लेकर शिकायत दर्ज  कराई गई है। इस शिकायत में इस मुठभेड़ की जांच करने की मांग की गयी है। इस शिकायत में मुठभेड़ को यूपी के राजनेताओं, योगी सरकार और यूपी पुलिस के अधिकारियों को बचाने वाला करार दिया गया है। 

इस शिकायत में दावा किया जा रहा है कि जिस गाड़ी के पलतने की बात की जा रही है, वह वो गाड़ी नहीं है, जिसमें विकास दुबे बैठा हुआ दिख रहा है। ऐसे में इस एनकाउंटर और घटना पर शक पैदा होता है। इस मामले में जांच के लिए अपील की गई है। 

मुठभेड़ में मारा गया गैंगस्टर विकास दूबे 5 लाख का इनामी बदमाश और बिकरु गांव में 2 जुलाई की रात हुए पुलिस हत्याकांड का मुख्य अपराधी था। उसे पुलिस पिछले 5-6 दिनों से तलाश रही थी और वह कल उज्जैन के महाकाल मंदिर में पुलिस के हाथ लगा। 

गौरतलब है कि कल गुरूवार को उज्जैन में पकड़े गये गैंगस्टर विकास दूबे को आज कानपुर लाते समय रास्ते में पुलिस द्वारा मार गिराया गया। उज्जैन से लाते वक्त रास्ते में कानपुर के करीब उसने पुलिसवालों के हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। 

पुलिस की गोली लगने के बाद विकास दूबे को लाला लाजपत राय हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इस अपराधी को मृत घोषित किया। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. आरबी कमल ने बताया कि विकास दुबे के सीने पर तीन और हाथ में एक गोली लगी थी। सीने में गोली लगने के कारण उसकी मौत हुई। 
 


 








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