चीन में कोयला खदान ढहने से 21 खनिकों की मौत, 66 को निकाला गया सुरक्षित

डीएन ब्यूरो

चीन में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां की एक कोयला खदान की छत ठहने से 21 खनिकों की मौत हो गई है जबकि कई लोगों के घायल होने की खबर है। डाइनामाइट न्यूज..

चीन में कोयला खदान ठहने से 21 खनिकों की मौत
चीन में कोयला खदान ठहने से 21 खनिकों की मौत

बीजिंग: चीन के शांक्सी प्रांत में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। यहां की एक कोयला खदान की छत ठहने 21 खनिकों की मौत हो गई है वहीं कई लोगों के घायल होने की खबर मिल रही है। जिस वक्त हादसा हुआ उस वक्त खदान में 87 खनिक काम कर रहे थे। खदान ढहने के बाद हड़कंप मच गया।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, यह दुर्घटना शनिवार को स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4.30 बजे शेन्मू शहर में बेजी माइनिंग कंपनी के लिजियागोउ कोयला खदान में हुई है। फिलहाल यहां राहत कार्य जारी है। मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक 66 खनिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है वहीं कई लोगों के अब फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

दुर्घटना के कारणों का अब तक पता नहीं तल पाया है। जांच जारी है। हालांकि चीन में कोयला खदानों में होने वाली मौतों की संख्या में कमी आई है लेकिन चीन में अकसर ऐसे हादसे होते रहते हैं। आपको बता दें कि चीन विश्व का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक देश है। 

भारत में भी हुआ था ऐसा हादसा जिसका बचाव कार्य अभी भी जारी है

कुछ इसी तरह का हादसा मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स में भी बीते साल 13 दिंसबर को हुआ था। अवैध कोयला खदान के ढहने से करीब 15 खनिक अभी भी फंसे हुए हैं, जन्हें बाहर निकलने के लिए राहत और बचाव का काम जारी है। खनिकों के बचाव कार्य में परेशानियां आ रही हैं, क्योंकि 355 फुट गहरी खदान का कोई खाका नहीं है।

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने नाराज़गी भी जताई थी कि सरकार राहत-और बचाव कार्य में ढील दे रही है। न्यायमूर्ति एके सीकरी और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ को सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि यह गैरकानूनी खदान एक नदी के किनारे स्थित है और इससे हो रहा पानी का रिसाव बचाव अभियान में बाधा पैदा कर रहा है।


 

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