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जम्मू: जम्मू में भीख मांगने या मजदूरी करने के लिए मजबूर बच्चों को बचाने के लिए गठित एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने पिछले कुछ दिनों में ऐसे मामलों में संलिप्त 18 बच्चों को बचाया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।
‘चिल्ड्रन इन स्ट्रीट सिचुएशन’ (सीआईएसएस) के बारे में जानकारी इकट्ठा करने और किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम द्वारा बनाए गए तंत्र के तहत बचाव अभियान के लिए जम्मू की उपायुक्त अवनी लवासा द्वारा एसटीएफ का गठन किया गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार एसटीएफ के सदस्यों में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, सहायक श्रम आयुक्त, गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘किताब और कलम फाउंडेशन’ और ‘चाइल्डलाइन’ (जम्मू) शामिल हैं।
समाज कल्याण विभाग के मिशन ‘वात्सल्य’ की संरक्षण अधिकारी आरती चौधरी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने पिछले कुछ दिनों में शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों से 14 साल से कम उम्र की दो लड़कियों सहित 18 बच्चों को बचाया है। इसके बाद बच्चों के समुचित पुनर्वास के लिए उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया।”
उन्होंने बताया कि मंगलवार को संयुक्त कार्यबल गठित किए जाने के तुरंत बाद व्यस्त बाजारों, धार्मिक स्थलों के बाहर, यातायात सिग्नलों, गांधी नगर, विक्रम चौक और बोहू प्लाजा सहित रिहायशी इलाकों में अभियान शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि इस अभियान का ध्यान ऐसे बच्चों पर केंद्रित था, जिन्हें भीख मांगने, कूड़ा बीनने का काम करने, सामान बेचने या निर्माण स्थलों पर मजदूरी करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
Published : 28 May 2023, 6:57 PM IST
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