महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर बोले-‘INDIA CAP’ का महत्व कम नहीं हो, सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को मिले आराम

पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने खिलाड़ियों के बढ़ते कार्यभार को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने BCCI से मांग की है कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को हर साल कम से कम एक महीने का बिना रुकावट आराम दिया जाए, ताकि उनकी फिटनेस और प्रदर्शन बेहतर बना रहे।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 23 June 2026, 6:09 PM IST
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New Delhi: भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से खिलाड़ियों की भलाई और फिटनेस पर अधिक ध्यान देने की अपील की है। उनका मानना है कि लगातार क्रिकेट खेलने से खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव बढ़ता है। इसलिए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाले खिलाड़ियों को हर साल कम से कम एक महीने का पूरा आराम मिलना चाहिए। गावस्कर ने यह बयान भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली गई वनडे सीरीज के बाद दिया, जिसमें भारतीय टीम ने 3-0 से जीत दर्ज की थी।

अफगानिस्तान सीरीज में कम दर्शकों पर भी जताई चिंता

गावस्कर ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ खेली गई सीरीज दर्शकों को आकर्षित करने में सफल नहीं रही। लखनऊ और चेन्नई में खेले गए मुकाबलों के दौरान स्टेडियम पूरी तरह नहीं भर सके। उनका मानना है कि लगातार क्रिकेट और खिलाड़ियों के रोटेशन की नीति से दर्शकों की दिलचस्पी भी प्रभावित होती है।

'INDIA CAP' की अहमियत कम नहीं होनी चाहिए

पूर्व कप्तान ने खिलाड़ियों के रोटेशन को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कोई कमी नहीं है और रोटेशन जरूरी हो सकता है, लेकिन इससे 'INDIA CAP' का महत्व कम नहीं होना चाहिए। गावस्कर के अनुसार, राष्ट्रीय टीम में जगह केवल उन खिलाड़ियों को मिलनी चाहिए जिन्होंने अपने प्रदर्शन के दम पर इसे हासिल किया हो। किसी खिलाड़ी को केवल इसलिए मौका नहीं मिलना चाहिए क्योंकि किसी वरिष्ठ खिलाड़ी को आराम दिया गया है।

BCCI की भूमिका की सराहना भी की

गावस्कर ने BCCI की उस भूमिका की भी तारीफ की, जिसमें वह अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और श्रीलंका जैसे क्रिकेट देशों की मदद करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय बोर्ड हमेशा इन देशों के क्रिकेट को मजबूत बनाने और आर्थिक रूप से सहयोग करने का प्रयास करता रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देशों की मदद के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों की सेहत और फिटनेस का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

बुमराह का उदाहरण देकर रखी बात

गावस्कर ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ सीरीज में कई प्रमुख खिलाड़ियों को आराम दिया गया था। उन्होंने तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah का उदाहरण देते हुए कहा कि क्या वह इस तरह की सीरीज में अपने करियर के आंकड़ों में और विकेट जोड़ना नहीं चाहते होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब भारत मैदान पर उतरे तो कोशिश यही होनी चाहिए कि सबसे मजबूत टीम खेले। केवल चोट की स्थिति में ही खिलाड़ियों को बाहर रखा जाना चाहिए।

व्यस्त क्रिकेट कैलेंडर बना चुनौती

गावस्कर का मानना है कि भारतीय टीम का क्रिकेट कैलेंडर बहुत व्यस्त हो चुका है। भारत लगभग हर महीने किसी न किसी सीरीज या टूर्नामेंट में खेलता नजर आता है। ऐसे में खिलाड़ियों को पर्याप्त आराम देना भविष्य के लिए जरूरी है। पूर्व कप्तान ने कहा कि यदि खिलाड़ियों को समय-समय पर आराम नहीं मिला तो इसका असर उनके प्रदर्शन और करियर दोनों पर पड़ सकता है। इसलिए बोर्ड को खिलाड़ियों के कार्यभार और फिटनेस के बीच संतुलन बनाना होगा।

Location :  New Delhi

Published :  23 June 2026, 6:09 PM IST

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