Hockey WC: भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी पर छिड़ी बहस, पूर्व कप्तान के सवाल पर हॉकी इंडिया ने दी सफाई

भारतीय हॉकी टीम की नई केसरिया जर्सी ने विश्व कप से पहले नई बहस छेड़ दी है। पूर्व कप्तान ने इसे टीम की पहचान से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि हॉकी इंडिया ने इसके पीछे तकनीकी और खेल से जुड़ी वजहें बताई हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 30 July 2026, 4:44 PM IST

New Delhi: पुरुष और महिला हॉकी विश्व कप से पहले भारतीय हॉकी टीम की नई जर्सी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। हॉकी इंडिया ने इस बार टीम की पारंपरिक नीली जर्सी की जगह केसरिया (ऑरेंज) रंग की जर्सी लॉन्च की है। जर्सी सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई। कई लोगों ने इसे नया और आकर्षक बताया, जबकि कुछ ने भारतीय हॉकी की पुरानी पहचान बदलने पर सवाल उठाए। सबसे तीखी प्रतिक्रिया टीम के पूर्व कप्तान वीरेन रासक्विन्हा की ओर से आई, जिन्होंने इस फैसले पर खुलकर नाराजगी जताई।

पूर्व कप्तान बोले- नीली जर्सी ही हमारी पहचान थी

वीरेन रासक्विन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हॉकी इंडिया ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय हॉकी के लिए कई अच्छे काम किए हैं, लेकिन जर्सी का रंग बदलने का फैसला समझ से परे है। उन्होंने कहा कि भारतीय हॉकी की पहचान दशकों से नीली जर्सी रही है और खिलाड़ी उसी जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए गर्व महसूस करते रहे हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी क्या जरूरत आ गई कि टीम की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा रंग बदल दिया गया। उनके मुताबिक यह केवल एक जर्सी नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की विरासत और भावनाओं से जुड़ा प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके सवाल का मकसद किसी विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि भारतीय हॉकी की पहचान को लेकर अपनी चिंता जाहिर करना है।

हॉकी इंडिया ने बताया बदलाव की असली वजह

विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने पूरे मामले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक अधिकारी का नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, कप्तानों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह के बाद लिया गया है। टिर्की के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी में इस्तेमाल होने वाले नीले सिंथेटिक टर्फ पर नीली जर्सी कई बार घुल-मिल जाती थी। इससे खिलाड़ियों को मैदान पर अपने साथियों को पहचानने में परेशानी होती थी। इसी तकनीकी समस्या को देखते हुए पीले और केसरिया रंग का सुझाव सामने आया। सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद केसरिया रंग को अंतिम रूप दिया गया।

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उन्होंने यह भी कहा कि केसरिया केवल राष्ट्रीय ध्वज का एक महत्वपूर्ण रंग ही नहीं, बल्कि साहस, त्याग और राष्ट्रीय गौरव का भी प्रतीक है।

पहले भी बदल चुकी है भारतीय टीम की जर्सी

हॉकी इंडिया ने साफ किया कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी का रंग बदलना कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी अलग-अलग टूर्नामेंट में टीम नई जर्सी पहन चुकी है। संस्था के अनुसार, 2014 एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय टीम ने पीले रंग की जर्सी पहनी थी। वहीं 2018 विश्व कप में स्काई ब्लू रंग की नई डिजाइन वाली जर्सी का इस्तेमाल किया गया था। ऐसे में इस बार का बदलाव भी उसी परंपरा का हिस्सा है।

नई जर्सी में भारतीय संस्कृति की भी झलक

नई जर्सी का डिजाइन भी खास तरीके से तैयार किया गया है। इसमें मंडला कला से प्रेरित पैटर्न बनाए गए हैं, जबकि गहरे नीले रंग का इस्तेमाल अशोक चक्र की भावना को दर्शाने के लिए किया गया है। जर्सी के सीने पर आधुनिक सुदर्शन चक्र का डिजाइन शक्ति और एकता का संदेश देता है।

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इसके अलावा कंधों और किनारों पर तिरंगे की पट्टी दी गई है और सामने देवनागरी लिपि में "भारत" लिखा गया है। टीम के किट में केसरिया जर्सी के साथ इसी डिजाइन की सफेद जर्सी भी शामिल होगी।

Location :  New Delhi

Published :  30 July 2026, 4:44 PM IST