देश को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड, फिर क्यों अचानक कप्तानी छोड़ने को मजबूर हुईं हरमनप्रीत कौर?

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफल कप्तान हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया है। उनके नेतृत्व में भारत ने वनडे विश्व कप 2025 और एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 October 2026, 2:06 PM IST

New Delhi: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अपने पद से हटने का बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) की कप्तानी छोड़ने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। उनके इस अचानक फैसले ने खेल जगत और प्रशंसकों को हैरान कर दिया है, लेकिन उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

ऐतिहासिक रहा है हरमनप्रीत का कप्तानी का सफर

हरमनप्रीत कौर ने जून 2022 में दिग्गज खिलाड़ी मिताली राज के संन्यास लेने के बाद भारतीय टीम की बागडोर अपने हाथों में ली थी। उनके नेतृत्व में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई ऐतिहासिक और स्वर्णिम सफलताएं हासिल कीं। उनकी कप्तानी में ही भारत ने पहली बार वनडे विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम किया था। इस ऐतिहासिक सफर के दौरान भारतीय टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया जैसी बेहद मजबूत टीम को मात दी और फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर विश्व कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। इसके अलावा, उनकी ही अगुवाई में टीम इंडिया ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दो बार स्वर्ण पदक (गोल्ड मेडल) देश के नाम किए।

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इंस्टाग्राम पर शेयर किया भावुक संदेश

कप्तानी छोड़ने की घोषणा करते हुए हरमनप्रीत ने इंस्टाग्राम पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि यह फैसला उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था। इसके पीछे सालों की अनमोल यादें, भावनाएं, कड़े त्याग और जीवन भर साथ रहने वाले पल जुड़े हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस टीम और देश के महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ समर्पित कर दिया है- अपना खून, पसीना, समय और कई बार अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को भी पीछे छोड़ा। उन्होंने हमेशा देश और टीम को सर्वोपरि रखा।

मुश्किल फैसलों और उतार-चढ़ाव भरा दौर

एक कप्तान के तौर पर अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें कई बार ऐसे कठिन निर्णय लेने पड़े जो हर किसी को समझ नहीं आए और जिनकी भारी व्यक्तिगत कीमत भी चुकानी पड़ी। हालांकि, उनके हर फैसले के पीछे सिर्फ एक ही उद्देश्य था- टीम को मजबूत करना और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने तथा खुद पर भरोसा करने का अवसर देना। उन्होंने अपने कार्यकाल के हर पहलू का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने खेल के सबसे बुरे दौर, दिल टूटने वाले क्षणों, आलोचनाओं और असफलताओं को भी करीब से देखा है। साथ ही, देश को गौरवान्वित करने वाली ऐतिहासिक जीत और जश्न के हसीन पलों को भी जिया है।

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भविष्य के प्रति आश्वस्त और खेल के प्रति अटूट प्यार

अपने संदेश के अंत में हरमनप्रीत ने पूरी शांति और संतुष्टि के साथ कप्तानी छोड़ने की बात कही। उन्हें पूरा विश्वास है कि वर्तमान में भारतीय टीम एक बेहद सुरक्षित और मजबूत हाथों में है। इस टीम में बेहतरीन टैलेंट, मजबूत चरित्र और उज्ज्वल भविष्य है, जिसका हिस्सा बने रहने को लेकर वह काफी उत्सुक हैं। उन्होंने अपनी इस यात्रा में साथ देने वाले सभी सहपाठियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का शुक्रिया अदा किया।

Location :  New Delhi

Published :  6 October 2026, 2:06 PM IST