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ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना उचित नहीं माना जाता। ग्रहण में सूर्य की ऊर्जा ढकी रहती है और राहु-केतु का प्रभाव सक्रिय होता है। अर्घ्य देते समय सूर्य की ओर दृष्टि जाने पर सकारात्मक फल मिलने की संभावना कम हो जाती है। इस दौरान मानसिक जाप जैसे “ॐ सूर्याय नमः” करना अधिक सुरक्षित और लाभकारी माना गया है। (Img- Internet)
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, ग्रहण के समय सूर्य को अर्घ्य देना उचित नहीं माना जाता। ग्रहण में सूर्य की ऊर्जा ढकी रहती है और राहु-केतु का प्रभाव सक्रिय होता है। अर्घ्य देते समय सूर्य की ओर दृष्टि जाने पर सकारात्मक फल मिलने की संभावना कम हो जाती है। इस दौरान मानसिक जाप जैसे “ॐ सूर्याय नमः” करना अधिक सुरक्षित और लाभकारी माना गया है। (Img- Internet)