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भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना गया है। रोज़ सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल देना सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवनशैली भी है। ज्योतिष के अनुसार इससे आत्मबल बढ़ता है, स्वास्थ्य बेहतर रहता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान लोग सोचते हैं क्या अर्घ्य देना चाहिए या नहीं? (Img- Internet)
भारतीय संस्कृति में सूर्य को प्रत्यक्ष देव माना गया है। रोज़ सुबह तांबे के लोटे से सूर्य को जल देना सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि जीवनशैली भी है। ज्योतिष के अनुसार इससे आत्मबल बढ़ता है, स्वास्थ्य बेहतर रहता है और कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। यही कारण है कि ग्रहण के दौरान लोग सोचते हैं क्या अर्घ्य देना चाहिए या नहीं? (Img- Internet)