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पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव से मिलने गए थे, जिससे यह दिन पारिवारिक सौहार्द और समर्पण का प्रतीक भी बन गया। साथ ही यह पर्व समाज में दान, सेवा और आपसी मेल-जोल की भावना को मजबूत करता है। (Img: Google)
Published : 2 January 2026, 3:35 PM IST