Indira Ekadashi 2026: पितरों की आत्मा को मिलेगी परम शांति! इंदिरा एकादशी पर करें बस ये एक काम

इंदिरा एकादशी पर पीपल के पेड़ के पास तिल के तेल का दीपक जलाने से सालों पुराना पितृ दोष समाप्त हो जाता है। 6 अक्टूबर को पड़ रही इंदिरा एकादशी पर जानें घर के 6 खास स्थानों पर दीया जलाने के अचूक उपाय और इसके धार्मिक लाभ।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 5 October 2026, 11:52 AM IST
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New Delhi: हिंदू पंचांग में यूं तो साल की सभी 24 एकादशियों का बड़ा महत्व है, लेकिन अश्विन मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली 'इंदिरा एकादशी' को सबसे श्रेष्ठ और फलदायी माना जाता है। पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष के ठीक बीच में पड़ने के कारण इस तिथि का संबंध सीधे हमारे पूर्वजों और पितरों की आत्मा से जुड़ जाता है।

इस साल यह पवित्र एकादशी 6 अक्टूबर को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अनजाने में हुए पापों या पितृ दोष से परेशान है, तो इस दिन कुछ खास जगहों पर दीपक जलाकर अपने पितरों को मोक्ष और तृप्ति दिला सकता है।

पीपल के पेड़ के नीचे जलाएं दीया, दूर होगा सालों पुराना पितृ दोष

पितृ दोष से मुक्ति पाने का सबसे असरदार और सरल उपाय पीपल के पेड़ से जुड़ा है। इंदिरा एकादशी की शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे तिल के तेल या शुद्ध देसी घी का दीपक जरूर जलाएं। शास्त्रों में पीपल के पेड़ को देववृक्ष माना गया है, जिसमें त्रिदेवों के साथ-साथ पितरों का भी वास होता है।

संध्या समय पीपल की जड़ में जल अर्पित कर दीया जलाने से पूर्वजों के ऋण से मुक्ति मिलती है और घर में आ रही अकारण बाधाएं या कलह-क्लेश हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं।

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रसोई और तुलसी के पास दीपदान के चमत्कारिक लाभ

पीपल के अलावा घर की कुछ खास जगहों पर दीया जलाना बेहद शुभ फल देता है। एकादशी की रात घर के मुख्य दरवाजे पर एक दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और पितरों को सही मार्ग दिखाई देता है। वहीं, मां अन्नपूर्णा का स्थान माने जाने वाले रसोईघर में दीपक जलाने से अन्न और धन की कभी कमी नहीं होती।

इसके अतिरिक्त भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय तुलसी जी के पास शाम को दीया जलाने से श्रीहरि की विशेष कृपा मिलती है, जिससे पितरों को अपने आप मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।

पवित्र नदियों के किनारे या घर के कलश के पास करें दीपदान

शास्त्रों में एकादशी के दिन किसी पवित्र नदी जैसे गंगा या यमुना के तट पर दीपदान करने का विशेष विधान है। यदि आप नदी तक जाने में असमर्थ हैं, तो घर के अंदर ही एक लोटे या कलश में जल भरकर उसके पास शाम को एक दीपक जला सकते हैं।

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साथ ही पास के किसी विष्णु मंदिर में दीपदान करने से जीवन के अनजाने पाप नष्ट होते हैं। इंदिरा एकादशी पर श्रद्धा और निष्ठा से किए गए इन छोटे-छोटे उपायों से पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है।

Location :  New Delhi

Published :  5 October 2026, 11:52 AM IST

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