19 साल के देवांश ठाकुर की पहली भागवत कथा से मची चर्चा, सोशल मीडिया पर विरासत बनाम परिवारवाद पर बहस तेज

मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के 19 वर्षीय बेटे देवांश ठाकुर ने गुजरात के सोमनाथ में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत कथा का पाठ किया। कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनकी प्रतिभा की सराहना के साथ-साथ धार्मिक क्षेत्र में परिवारवाद को लेकर भी बहस शुरू हो गई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 July 2026, 3:48 PM IST

New Delhi: गुजरात के सोमनाथ में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में 19 वर्षीय देवांश ने पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत कथा का वाचन किया। कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मशहूर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के बेटे देवांश ठाकुर इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।

पहली कथा के साथ सुर्खियों में आए देवांश

सोमनाथ में आयोजित धार्मिक आयोजन के दौरान देवांश ठाकुर ने पहली बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के बीच भागवत कथा सुनाई। कार्यक्रम में देवकीनंदन ठाकुर भी मंच पर मौजूद रहे और पूरे समय अपने बेटे के प्रवचन को ध्यान से सुनते नजर आए। वायरल वीडियो में देवांश भजन गाते और कथा सुनाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि देवकीनंदन ठाकुर मंच पर बैठे हुए उन्हें गौर से देखते नजर आते हैं।

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बचपन से किया धर्म और शास्त्रों का अध्ययन

बताया जाता है कि देवांश ठाकुर ने कम उम्र से ही वैदिक ग्रंथों, श्रीमद्भागवत, संस्कृत श्लोक और धार्मिक साहित्य का अध्ययन शुरू कर दिया था। अपने पहले सार्वजनिक प्रवचन में उन्होंने गोकर्ण प्रसंग, प्रह्लाद चरित्र और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से जुड़े कई प्रसंगों का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने भजन भी प्रस्तुत किए। उनकी स्पष्ट वाणी, श्लोकों का ज्ञान और मंच संचालन की शैली को कई लोगों ने सराहा।

सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं

देवांश ठाकुर के मंच पर आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है। एक वर्ग इसे सनातन परंपरा और पारिवारिक संस्कारों की निरंतरता बता रहा है। लोगों का कहना है कि यदि नई पीढ़ी धर्म और संस्कृति से जुड़ रही है तो यह सकारात्मक संकेत है। वहीं कुछ लोग इसे धार्मिक क्षेत्र में परिवारवाद से जोड़कर भी देख रहे हैं। उनका कहना है कि बड़े मंचों पर नए और अन्य प्रतिभाशाली कथावाचकों को भी समान अवसर मिलने चाहिए।

मथुरा से है देवकीनंदन ठाकुर का परिवार

देवांश ठाकुर, प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के इकलौते पुत्र हैं। उनकी तीन बहनें भी हैं। देवकीनंदन ठाकुर मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के मांट थाना क्षेत्र के ओहावा गांव के निवासी हैं। बचपन में ही वह वृंदावन चले गए थे और आज देश-विदेश में श्रीमद्भागवत कथा के लिए प्रसिद्ध हैं।

वीडियो बना चर्चा का केंद्र

देवांश ठाकुर की पहली सार्वजनिक कथा का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। जहां कई लोग उनके आत्मविश्वास और धार्मिक ज्ञान की सराहना कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी अलग राय भी रख रहे हैं। फिलहाल देवांश ठाकुर का यह पहला सार्वजनिक मंच और उससे जुड़ी चर्चा लगातार लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।

Location :  New Delhi

Published :  2 July 2026, 3:48 PM IST