RBI Dividend Row: हरपाल चीमा ने उठाए सवाल, बोले- राज्यों के साथ भी साझा हो 2.87 लाख करोड़ का लाभांश

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरबीआई से केंद्र सरकार को मिले ₹2.87 लाख करोड़ के लाभांश पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह राशि राज्यों के साथ भी साझा होनी चाहिए। चीमा ने चेतावनी दी कि आरबीआई के रिजर्व फंड की अधिक निकासी उसकी वित्तीय मजबूती और स्वतंत्रता को कमजोर कर सकती है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 23 May 2026, 3:22 PM IST

Chandigarh: पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मिले करीब ₹2.87 लाख करोड़ के असाधारण लाभांश को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आरबीआई के रिजर्व फंड से इतनी बड़ी राशि निकालना देश की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती और केंद्रीय बैंक की स्वतंत्रता पर असर डाल सकता है।

चंडीगढ़ में जारी बयान में हरपाल चीमा ने कहा कि आरबीआई द्वारा केंद्र सरकार को दिया गया यह लाभांश अब तक के सबसे बड़े ट्रांसफर में से एक है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरबीआई की कुल आय लगभग ₹4 लाख करोड़ रही, जिसमें से ₹2.87 लाख करोड़ केंद्र सरकार को हस्तांतरित किए गए।

राज्यों के साथ भी साझा हो लाभांश

हरपाल चीमा ने कहा कि यह अप्रत्याशित लाभ केवल केंद्र सरकार तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनका कहना है कि राज्यों को भी इस राशि में हिस्सा मिलना चाहिए क्योंकि वे भी आर्थिक चुनौतियों और वित्तीय दबावों का सामना कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सहकारी संघवाद और वित्तीय तटस्थता की भावना के तहत इस तरह के अतिरिक्त लाभ को राज्यों के साथ साझा किया जाना चाहिए। चीमा ने तर्क दिया कि जब केंद्र सरकार वैश्विक अनिश्चितताओं और महंगाई के दबाव का हवाला देती है, तो वही परिस्थितियां राज्यों पर भी लागू होती हैं।

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आरबीआई की वित्तीय मजबूती पर असर का डर

वित्त मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि फिस्कल डेफिसिट को कम करना जरूरी है, लेकिन यह आरबीआई की संस्थागत मजबूती की कीमत पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट के समय आरबीआई देश की अर्थव्यवस्था के लिए “शॉक एब्जॉर्बर” और “मॉनेटरी स्टेबलाइज़र” की भूमिका निभाता है।

उनका मानना है कि यदि रिजर्व फंड से अत्यधिक निकासी की जाती रही तो भविष्य में आर्थिक संकट के दौरान देश की वित्तीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

आरबीआई की स्वतंत्रता बनाए रखने की अपील

हरपाल सिंह चीमा ने आरबीआई गवर्नर से अपील करते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक की संस्थागत स्वतंत्रता, विश्वसनीयता और नीति संबंधी लचीलापन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में वैश्विक आर्थिक माहौल और मुद्रा बाजार पहले से दबाव में हैं। ऐसे में आरबीआई को मजबूत वित्तीय बफर बनाए रखना चाहिए ताकि किसी भी आर्थिक संकट का सामना प्रभावी तरीके से किया जा सके।

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मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत सेंट्रल बैंक जरूरी

चीमा ने कहा कि भारत एक कमजोर सेंट्रल बैंक के साथ मजबूत और टिकाऊ अर्थव्यवस्था नहीं बना सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरबीआई की स्वायत्तता और वित्तीय ताकत देश की आर्थिक स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

Location :  Chandigarh

Published :  23 May 2026, 3:20 PM IST