महिला आरक्षण पर फिर छिड़ी सियासी रार, राहुल गांधी बोले- 3 साल पहले पास हुआ कानून, फिर लागू करने में देरी क्यों?

महिला आरक्षण कानून को लागू करने को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक घमासान फिर तेज हो गया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया है कि कानून पास होने के तीन साल बाद भी इसे लागू क्यों नहीं किया गया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 8 August 2026, 3:42 PM IST

New Delhi: राजनीति में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस एक बार फिर तेज़ हो गई है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार से सवाल किया कि संसद द्वारा तीन साल पहले पारित किए जाने के बावजूद महिला आरक्षण कानून को अभी तक लागू क्यों नहीं किया गया है।

राहुल गांधी ने सरकार से किया सवाल

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण कानून का पहले ही पूरा समर्थन किया था। संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' सर्वसम्मति से पारित किया गया था।

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राहुल गांधी ने पूछा कि जब कानून पहले ही पारित हो चुका है तो इसे लागू करने में देरी क्यों हो रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण कानून को लागू करे।

किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को दी थी चुनौती

यह विवाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के एक बयान से शुरू हुआ। राहुल गांधी ने एक वीडियो में महिलाओं की आवाज़ और राजनीति में उनकी भागीदारी के बारे में बात की थी।

इसके जवाब में रिजिजू ने टिप्पणी की कि राहुल गांधी का बयान महिलाओं के प्रति कांग्रेस पार्टी की सोच में आए बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस से बिना शर्त महिला आरक्षण कानून का समर्थन करने का आग्रह किया।

असली विवाद जुड़ा है परिसीमन से

महिला आरक्षण कानून में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है। हालाँकि, इसे लागू करने की प्रक्रिया परिसीमन से जुड़ी है।

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परिसीमन का अर्थ है सीमाओं का पुनर्निर्धारण और लोकसभा तथा विधानसभा सीटों की संख्या में बदलाव। विपक्षी दलों का तर्क है कि महिला आरक्षण को परिसीमन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए; उनका कहना है कि इस तरह के जुड़ाव से महिलाओं के लिए आरक्षण को वास्तव में लागू करने में और देरी हो सकती है।

कानून 2023 में हुआ था पारित

महिला आरक्षण से संबंधित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' सितंबर 2023 में संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित किया गया था। जहाँ कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल कानून का समर्थन करते हैं, वहीं वे इसे लागू करने की प्रक्रिया को लेकर सरकार से अलग राय रखते हैं। अब, राहुल गांधी के हालिया बयान के बाद, महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।

Location :  New Delhi

Published :  8 August 2026, 3:42 PM IST