“सड़क पर भीड़ नहीं, बूथ पर ताकत दिखाइए”, यूपी दौरे से पहले तावड़े सख्त; मिशन-2027 पर होगी बड़ी पड़ताल

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को लेकर अपना फोकस बदलने के संकेत दिए हैं। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े के लखनऊ दौरे से पहले कार्यकर्ताओं को स्वागत में होर्डिंग, पोस्टर और सड़क पर भीड़ जुटाने से बचने को कहा गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 4 September 2026, 4:11 PM IST

Lucknow: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने संगठन को जमीन पर कसने की तैयारी तेज कर दी है। प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े 5 और 6 सितंबर को अपने पहले आधिकारिक यूपी दौरे पर पहुंचेंगे। दौरे से पहले ही उनका एक संदेश चर्चा में है कि स्वागत के नाम पर सड़कों को पोस्टर, बैनर और होर्डिंग से सजाने के बजाय संगठन की ताकत बूथ पर नजर आनी चाहिए।

इस बार स्वागत नहीं, संगठन का हिसाब होगा

भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में हालिया नियुक्तियों के बाद लखनऊ में नेताओं के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। कई जगह कार्यकर्ताओं की भीड़ भी जुटी थी। इसके चलते कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित होने की बात सामने आई थी। माना जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम ने केंद्रीय नेतृत्व का ध्यान खींचा।

इसी पृष्ठभूमि में तावड़े के दौरे को लेकर कार्यकर्ताओं को सड़क पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन करने से दूर रहने का संदेश दिया गया है। यानी इस बार शहर में कितने पोस्टर लगे और कितनी भीड़ जुटी, यह प्राथमिकता नहीं होगी।

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असली सवाल बूथ की तैयारी का

तावड़े के निर्देश को सिर्फ सादगी से जोड़कर देखना शायद पूरी तस्वीर नहीं होगी। इसके पीछे 2027 की चुनावी तैयारी का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है। भाजपा अब यह समझना चाहती है कि उसका संगठन कागजों पर जितना मजबूत दिखता है, जमीन पर भी उतना ही सक्रिय है या नहीं। दो दिवसीय दौरे में प्रदेश संगठन के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें होंगी। इन बैठकों में बूथ की सक्रियता, संगठन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल और चुनावी तैयारियों की स्थिति पर चर्चा हो सकती है।

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कमजोर सीटों पर बढ़ सकती है नजर

जिन विधानसभा क्षेत्रों में पिछले चुनावों में भाजपा को विपक्ष से कड़ी चुनौती मिली थी, वहां संगठन की स्थिति पर विशेष ध्यान दिए जाने की संभावना है। ऐसे क्षेत्रों में पार्टी की पकड़ कहां कमजोर है और उसे मजबूत करने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं, इस पर चर्चा हो सकती है।

यही वजह है कि 5 और 6 सितंबर का लखनऊ दौरा भाजपा के लिए महज संगठनात्मक बैठक नहीं माना जा रहा। इसे मिशन-2027 की तैयारियों की शुरुआती जमीनी पड़ताल के तौर पर देखा जा रहा है।

Location :  Lucknow

Published :  4 September 2026, 3:25 PM IST