
सुल्तानपुर सदर में 2027 की सियासी जंग (Img: Dynamite News)
Sultanpur: सुल्तानपुर सदर विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव की चर्चा अभी से तेज होने लगी है। सीट नंबर 189 पर भाजपा के भीतर कई नाम टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी में 2022 के प्रत्याशी और पूर्व विधायक अरुण वर्मा की वापसी की चर्चा है, जबकि बसपा ने डॉ. मधु लता वर्मा को प्रत्याशी घोषित करने की बात सामने रखी है। ऐसे में आने वाले समय में टिकट का फैसला इस सीट की चुनावी तस्वीर का अहम हिस्सा बन सकता है।
डाइनामाइट न्यूज़ के संवाददाता दर्शन कुमार साहू के अनुसार, सुल्तानपुर सदर सीट पर 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के राज प्रसाद उपाध्याय ने जीत दर्ज की थी। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक उन्हें 85,249 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के अरुण वर्मा को 69,495 वोट मिले। दोनों के बीच जीत का अंतर 15,754 वोट रहा था। बसपा के ओम प्रकाश सिंह 39,920 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।
सदर विधानसभा सीट का नंबर 189 है और यह सुल्तानपुर जिले में आती है। 2022 के परिणामों में भाजपा के राज प्रसाद उपाध्याय और सपा के अरुण वर्मा के बीच सीधा मुकाबला प्रमुख रहा था।
2027 के चुनाव को लेकर भाजपा के संभावित प्रत्याशियों के नामों की चर्चा शुरू हो गई है। इनमें मौजूदा विधायक राज बाबू उपाध्याय, पूर्व विधायक अर्जुन सिंह, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा, प्रभाकर चंद्रशेखर शुक्ला और प्रदीप मिश्रा सरकार के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इन नामों को लेकर फिलहाल पार्टी की ओर से 2027 के लिए कोई अधिकृत प्रत्याशी घोषित नहीं किया गया है। इसलिए इन सभी नामों को अभी संभावित दावेदारों की चर्चा के तौर पर ही देखा जा रहा है।
ये भी पढ़ें- “भूखा मरने दो…” बोलकर पुलिस ने रोकी पत्नी-बेटी; ड्राइवर जनता पार्टी का बैनर कर टॉवर पर चढ़ा बर्खास्त कर्मी
मौजूदा विधायक राज बाबू उपाध्याय 2027 में फिर चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। 2022 में भाजपा के टिकट पर मिली जीत उनके राजनीतिक परिचय का प्रमुख हिस्सा है। हालांकि टिकट का अंतिम फैसला पार्टी की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। यही वजह है कि मौजूदा विधायक की दावेदारी के साथ-साथ अन्य नामों की सक्रियता भी चर्चा में बनी हुई है।
पूर्व विधायक अर्जुन सिंह का नाम भी भाजपा के संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र में उनका पूर्व राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक संपर्क उनकी दावेदारी के प्रमुख पहलुओं में गिने जा रहे हैं। 2022 के उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड में अर्जुन सिंह इस सीट के प्रत्याशी नहीं थे। 2012 के चुनाव में वे भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में थे और उन्हें 24,389 वोट मिले थे।
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा का नाम भी टिकट की चर्चा में सामने आ रहा है। संगठन में जिम्मेदारी संभाल चुके नेताओं के लिए पार्टी संगठन से संपर्क और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा प्रभाकर चंद्रशेखर शुक्ला और प्रदीप मिश्रा सरकार के नाम भी संभावित प्रत्याशियों की चर्चाओं में शामिल बताए जा रहे हैं।
2022 में भाजपा के राज प्रसाद उपाध्याय के खिलाफ चुनाव लड़ चुके अरुण वर्मा का नाम सपा की तरफ से फिर चर्चा में है। उपलब्ध 2022 चुनाव परिणामों में वे 69,495 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे।सपा में उनके अलावा संजय वर्मा और विपिन प्रकाश सिंह उर्फ दीपक सिंह के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए जा रहे हैं।
लखनऊ में सक्रिय बताए जा रहे सपा नेता संजय वर्मा भी सदर विधानसभा से टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। वहीं विपिन प्रकाश सिंह उर्फ दीपक सिंह का नाम भी संभावित प्रत्याशियों की चर्चा में सामने आया है। ऐसे में सपा के सामने भी प्रत्याशी चयन का सवाल महत्वपूर्ण रहेगा। स्थानीय जनाधार, संगठन में स्वीकार्यता और चुनावी तैयारी जैसे पहलुओं के बीच पार्टी को अपना उम्मीदवार तय करना होगा।
बहुजन समाज पार्टी की ओर से डॉ. मधु लता वर्मा को सुल्तानपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किए जाने की बात सामने आई है। इससे बसपा की ओर से चुनावी मैदान में एक नाम स्पष्ट होता दिखाई दे रहा है। उनकी उम्मीदवारी के बाद सदर की राजनीति में महिला नेतृत्व, सामाजिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय मुद्दों को लेकर चर्चा बढ़ने की संभावना है।
ये भी पढ़ें- “राज ठाकरे पर ऐसी बात दोबारा मत कहना”, चेहरे पर कालिख, सिर पर चप्पल रखवाई; पुणे में इन्फ्लुएंसर से ऐसे मंगवाई माफी
सदर विधानसभा क्षेत्र के उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड में 2012 से 2022 तक तीन चुनावों के परिणाम सामने आते हैं। 2012 में अरुण कुमार ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2017 में सीताराम वर्मा भाजपा के टिकट पर विजयी हुए और 2022 में राज प्रसाद उपाध्याय ने भाजपा के टिकट पर सीट जीती। इस रिकॉर्ड से साफ है कि 2012 में सपा के खाते में गई सीट पर 2017 और 2022 में भाजपा ने जीत दर्ज की।
सदर विधानसभा क्षेत्र के पुराने चुनावी इतिहास को समझने के लिए 1951 से 2007 तक के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के अभिलेख भी महत्वपूर्ण हैं। पुराने चुनावों के विजेताओं की पूरी वर्षवार सूची तैयार करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के सांख्यिकीय रिकॉर्ड और परिसीमन दस्तावेजों का मिलान जरूरी होगा।
आगामी चुनाव में स्थानीय विकास, सड़क, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, किसानों की समस्याएं और सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जैसे मुद्दे चर्चा में आ सकते हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में जनसंपर्क, संगठनात्मक सक्रियता और प्रत्याशियों की स्थानीय स्वीकार्यता भी चुनावी अभियान का हिस्सा बन सकती है।
सुल्तानपुर सदर में 2027 की सियासी तस्वीर का अगला बड़ा पड़ाव टिकट वितरण होगा। भाजपा में राज बाबू उपाध्याय के साथ अर्जुन सिंह, डॉ. आरए वर्मा, प्रभाकर चंद्रशेखर शुक्ला और प्रदीप मिश्रा सरकार के नाम चर्चा में बताए जा रहे हैं। सपा में अरुण वर्मा, संजय वर्मा और विपिन प्रकाश सिंह उर्फ दीपक सिंह की दावेदारी की चर्चा है। वहीं बसपा की ओर से डॉ. मधु लता वर्मा का नाम सामने रखा गया है।
Location : Sultanpur
Published : 21 September 2026, 12:07 PM IST
Topics : bjp BSP Samajwadi Party sultanpur news UP Election 2027