संसद में जवाब देंगे अमित शाह! किरेन रिजिजू का बड़ा बयान, छात्र आंदोलन पर संसद में चर्चा को तैयार सरकार

संसद के मॉनसून सत्र में छात्र आंदोलन और NEET से जुड़े विवाद पर सरकार ने चर्चा के लिए दरवाजा खोल दिया है। किरेन रिजिजू ने साफ कहा है कि सरकार छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने को तैयार है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 10 August 2026, 3:16 PM IST

New Delhi: संसद के मॉनसून सत्र में छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच चल रही खींचतान अब सदन के अंदर चर्चा तक पहुंचती दिख रही है। सरकार ने छात्र आंदोलन और NEET से जुड़े विवाद पर चर्चा के लिए अपनी सहमति जताई है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सदन में चर्चा के लिए तैयार है।

छात्रों के मुद्दे पर सरकार का रुख साफ

मॉनसून सत्र शुरू होने के बाद से ही NEET पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा संसद में गरमाया हुआ है। विपक्ष लगातार सरकार से इस मामले पर जवाब मांग रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वह चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। किरण रिजिजू ने विपक्ष से अपील की है कि छात्रों के मुद्दे पर चर्चा के दौरान सदन में हंगामा करने के बजाय सभी दल अपनी बात रखें।

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विपक्ष भी जवाब के लिए बना रहा दबाव

छात्रों के प्रदर्शन और परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर विपक्ष का रुख भी लगातार सख्त रहा है। संसद के शुरुआती दिनों में विपक्षी सांसदों ने छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई और NEET से जुड़े सवालों को जोर-शोर से उठाया था।विपक्ष की ओर से मांग की गई कि सरकार छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सदन में जवाब दे। कुछ विपक्षी नेताओं ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। इस वजह से मॉनसून सत्र के शुरुआती दिनों में सदन की कार्यवाही कई बार हंगामे की भेंट चढ़ी।

BAC में भी चर्चा का मुद्दा सामने आया

संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी यानी BAC में भी परीक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा को लेकर रास्ता तैयार करने की कोशिश हुई है। इसी बीच सरकार ने परीक्षा में अनुचित साधनों और पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए कानून को और सख्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

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Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को 27 जुलाई को लोकसभा में पेश किया गया था। इसमें परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई, जांच को तेज करने और विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों जैसी व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए कानूनी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। प्रस्तावित बदलावों में सजा और जुर्माने को बढ़ाने का प्रावधान भी शामिल है।

Location :  New Delhi

Published :  10 August 2026, 3:16 PM IST