“अयोध्या के विकास के नाम पर गरीबों के घर तोड़े गए…” अखिलेश यादव का BJP पर हमला, चुनाव आयोग को लेकर भी उठाए सवाल

अयोध्या में मकानों पर हुई कार्रवाई को लेकर अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने विकास के नाम पर गरीब परिवारों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया और मुआवजे की बात कही।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 23 September 2026, 2:37 PM IST

Lucknow: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या में मकानों पर हुई कार्रवाई और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर गरीब परिवारों के घर उजाड़े जा रहे हैं और प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल रही। अयोध्या के 14-कोसी परिक्रमा मार्ग से जुड़े हालिया ध्वस्तीकरण अभियान को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं।

अयोध्या में कार्रवाई पर क्या बोले अखिलेश?

अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी अयोध्या के विकास के खिलाफ नहीं है। उनके मुताबिक, राम और अयोध्या के विकास में पार्टी कभी बाधा नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि मौका मिलने पर अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार विकास के नाम पर गरीबों की बस्तियों और घरों को नुकसान पहुंचा रही है। उनका दावा है कि कुछ परिवारों को अपने सामान को सुरक्षित निकालने तक का पर्याप्त मौका नहीं मिला।

हालांकि, अयोध्या जिला प्रशासन की ओर से कहा गया है कि 14-कोसी परिक्रमा मार्ग के विस्तार से जुड़ी कार्रवाई से पहले प्रभावित लोगों को नोटिस दिए गए थे। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने कार्रवाई और पुनर्वास को लेकर शिकायतें उठाई हैं।

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‘नुकसान की भरपाई की जाएगी’

सपा प्रमुख ने बुलडोजर कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को लेकर कहा कि जिन लोगों के घर और संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, उन्हें उचित मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगर मौजूदा सरकार प्रभावित लोगों की मदद नहीं करती है तो समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर ऐसे परिवारों के नुकसान की भरपाई की जाएगी।

अखिलेश ने अपने कार्यकाल के दौरान एक्सप्रेस-वे निर्माण से जुड़े विस्थापन का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रभावित गांवों को दूसरी जगह बसाने और लोगों को मुआवजा देने पर ध्यान दिया गया था। उनका कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रभावित परिवारों के हितों को भी देखा जाना चाहिए।

चुनाव आयोग पर भी साधा निशाना

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के भीतर 14 बार अधिकारियों ने कुछ फैसलों को लेकर आपत्ति दर्ज की है और पूछा है कि आयोग किस दिशा में काम कर रहा है।

यह मुद्दा हाल में सामने आई एक रिपोर्ट के बाद और चर्चा में आया, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों द्वारा विभिन्न फैसलों पर आपत्ति दर्ज किए जाने की बात कही गई थी। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इसके बाद कहा कि आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

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SIR और वोटर लिस्ट पर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची में नाम हटाने को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में फॉर्म-7 के इस्तेमाल और कुछ जगहों पर एक ही पते से बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने की बात कही।

पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि 38.20 लाख अपीलों में से करीब 1.02 लाख का निपटारा किया गया था। इस प्रक्रिया और लंबित अपीलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी मामला चल रहा है।

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका कहना है कि आम लोगों की बड़ी पूंजी उनके घर और जमीन में लगी होती है। ऐसे में किसी भी कार्रवाई से पहले नियम, नोटिस और प्रभावित परिवारों की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

Location :  Lucknow

Published :  23 September 2026, 2:37 PM IST