“टाइम आएगा, हम आपको पकड़ेंगे”, राहुल गांधी का बड़ा आरोप, वोट चोरी से लेकर SIR तक चुनाव आयोग पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने वोट चोरी के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग, भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब एक रिपोर्ट में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से SIR और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों पर कई आपत्तियों का दावा किया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 September 2026, 4:42 PM IST

New Delhi: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश की राजनीति में एक बार फिर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर कहा कि आयोग जो कर रहा है, वह गलत है और इसका जवाब आने वाले समय में दिया जाएगा।

राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में मतदाताओं के वोट से जुड़े कथित गड़बड़ियों को संविधान और नागरिकों के अधिकारों से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। 

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने वीडियो के जरिए चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो कुछ किया जा रहा है, वह गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि समय आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कांग्रेस नेता ने वोट की कथित चोरी को भारत के लोगों के खिलाफ अपराध बताया और भाजपा, आरएसएस और चुनाव आयोग पर तीखा आरोप लगाया। उनका यह बयान चुनाव आयोग के भीतर दो आयुक्तों की ओर से SIR और मतदाता सूची से जुड़े मामलों पर कथित आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद आया है।

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14 आपत्तियों की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान कम से कम 14 मौकों पर चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने, फॉर्म-6 में बदलाव, मतदाता डेटाबेस के तकनीकी नियंत्रण और SIR से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया है। कुछ आपत्तियों में यह सवाल उठाया गया था कि संबंधित फैसलों की जानकारी या सहमति दोनों आयुक्तों से ली गई थी या नहीं। चार आपत्तियां एक ही दिन दर्ज किए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

फॉर्म-6 और वोटर डेटाबेस पर भी सवाल

रिपोर्ट में फॉर्म-6 में किए गए बदलाव का भी जिक्र है। यह फॉर्म मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक SIR से जुड़ी घोषणा को इसमें शामिल किए जाने को लेकर आपत्ति दर्ज की गई थी। मतदाता सूची के डेटाबेस और उसके तकनीकी नियंत्रण को लेकर भी सवाल सामने आए। रिपोर्ट के अनुसार कुछ अधिकारियों ने इस बात पर चिंता जताई कि मतदाता सूची में बदलाव से जुड़े अधिकारों का तकनीकी नियंत्रण किस स्तर पर होना चाहिए।

अभिषेक मनु सिंघवी ने भी साधा निशाना

राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।कांग्रेस की ओर से लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि मतदाता सूची से जुड़े फैसलों और SIR की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता हो। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी तरह के बदलाव का सीधा संबंध नागरिकों के मतदान के अधिकार से है।

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चुनाव आयोग ने क्या कहा?

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों से अलग अपना पक्ष रखा है। आयोग से जुड़े सूत्रों ने कहा कि SIR समेत चुनाव आयोग के सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग का कहना है कि किसी आयुक्त की ओर से किसी मुद्दे पर व्यक्तिगत राय या आपत्ति सामने आना अपने आप में आयोग के अंतिम फैसले से असहमति नहीं माना जा सकता।

Location :  New Delhi

Published :  23 September 2026, 4:42 PM IST