CEC ज्ञानेश कुमार पर राहुल गांधी का फिर हमला, ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप; चुनाव आयोग ने कहा- SIR के सभी फैसले सर्वसम्मति से

चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार और बीजेपी पर फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने जिजी थॉमसन से जुड़े एक दावे का हवाला देते हुए चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ की बात कही। वहीं, चुनाव आयोग ने SIR को लेकर कहा है कि सभी फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए। बीजेपी ने भी राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 26 September 2026, 9:23 PM IST

New Delhi: चुनाव आयोग में कथित मतभेद और वोटर लिस्ट के SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर ज्ञानेश कुमार और बीजेपी को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार को पहले बीजेपी के लिए लोगों की भर्ती करने में इस्तेमाल किया गया और बाद में उन्हें चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ की जिम्मेदारी दी गई। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से जुड़ी एक मीडिया रिपोर्ट का भी हवाला दिया है।

राहुल गांधी ने पोस्ट में क्या कहा?

राहुल गांधी ने शनिवार को एक्स पर पोस्ट करते हुए CEC ज्ञानेश कुमार और बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ज्ञानेश कुमार IAS अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे, तब उनका इस्तेमाल बीजेपी के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया। इसके बाद राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें ‘अंपायर’ बनाया और चुनावों में ‘मैच फिक्सिंग’ की जिम्मेदारी सौंप दी। राहुल गांधी ने इस पोस्ट के साथ केरल कांग्रेस का एक पोस्ट भी शेयर किया। इसमें केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से जुड़ा दावा शामिल था।

जिजी थॉमसन ने क्या दावा किया?

राहुल गांधी द्वारा शेयर किए गए पोस्ट के मुताबिक, जिजी थॉमसन ने दावा किया है कि 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ज्ञानेश कुमार ने उनसे बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए कहा था। दावे के मुताबिक, दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और थॉमसन को 2019 में पथानामथिट्टा लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया। यह दावा फिलहाल जिजी थॉमसन के कथित बयान और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर सामने आया है।

14 आपत्तियों की रिपोर्ट से बढ़ा विवाद

ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद उस समय और बढ़ा जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि पिछले 10 महीनों के दौरान चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने आयोग के फैसलों पर कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई। रिपोर्ट में कहा गया कि ये आपत्तियां मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, चुनावी डेटा के प्रबंधन और SIR से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं से संबंधित थीं।

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शनिवार को तीनों चुनाव आयुक्तों की बैठक

विवाद के बीच शनिवार, 26 सितंबर को नई दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन में चुनाव आयोग की पूर्ण बैठक हुई। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी मौजूद रहे। बैठक के बाद आयोग ने SIR को लेकर चल रही चर्चाओं पर अपना पक्ष रखा। आयोग ने कहा कि बिहार, पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR से संबंधित फैसले लिए गए, वे तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बाद लिए गए।

बीजेपी ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

चुनाव आयोग की सफाई सामने आने के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी पर पलटवार किया। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि SIR के मुद्दे पर चुनाव आयोग के बयान से कांग्रेस के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो गई है। उन्होंने राहुल गांधी पर आयोग को लेकर गलत बातें कहने का आरोप लगाया और कहा कि SIR को लेकर चुनाव आयोग को विस्तृत बयान जारी करना पड़ा। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों से चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के बजाय चुनाव जीतने के लिए काम करने की बात कही।

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SIR को लेकर आमने-सामने पक्ष

दरअसल, SIR को लेकर विवाद केवल चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों तक सीमित नहीं है। विपक्षी दल मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने के लिए यह प्रक्रिया जरूरी है। पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान हटाए गए मतदाताओं से जुड़े मामलों में भी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

Location :  New Delhi

Published :  26 September 2026, 9:23 PM IST