
बेंगलुरु रवाना हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान (सोर्स- Pinterest)
Chandigarh: हालिया वायरल वीडियो विवाद और धार्मिक संस्थाओं के साथ जारी तनातनी के कारण पंजाब की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है। इन तमाम सियासी और रणनीतिक चुनौतियों का सामना कर रहे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान अचानक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु चले गए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सीएम मान वहाँ एक बेहद प्रतिष्ठित और प्राइवेट वेलनेस इंस्टीट्यूट की ओर से आयोजित किए जा रहे चार दिवसीय विशेष 'डिटॉक्स कार्यक्रम' (Detox Program) में शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में इस समय उनके इस अचानक दौरे को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि सरकार इसे उनका रूटीन हेल्थ चेकअप बता रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान गुरुवार सुबह ठीक 7:30 बजे पंजाब से बेंगलुरु के लिए रवाना हो गए। तय कार्यक्रम के मुताबिक, वह वहाँ चार दिनों तक प्राकृतिक चिकित्सा और डिटॉक्स थेरेपी से गुजरेंगे और सोमवार तक पंजाब वापस लौट सकते हैं। हालांकि, अंदरूनी सूत्रों का यह भी कहना है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर उनकी इस यात्रा की अवधि को कुछ और दिनों के लिए आगे भी बढ़ाया जा सकता है। बेंगलुरु जाने से ठीक पहले मुख्यमंत्री अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र धुरी के दौरे पर थे, जहाँ उन्होंने कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
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बेंगलुरु रवाना होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने निर्वाचन क्षेत्र धुरी में राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी और कल्याणकारी 'मावां धियां सत्कार योजना' का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया था। इस योजना के तहत पंजाब की मान सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य की लगभग 36 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे वित्तीय सहायता राशि ट्रांसफर की है। इस बड़ी योजना की सफलता और जनता के बीच इसकी भारी गूंज के तुरंत बाद मुख्यमंत्री का इस तरह राज्य से बाहर जाना हर किसी को चौंका रहा है।
भगवंत मान का यह बेंगलुरु दौरा ऐसे नाजुक समय में हो रहा है, जब वह चौतरफा घिरे हुए हैं। सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने कुछ दिनों पहले ही उन्हें 'गुरु दोखी' और 'खालसा पंथ विरोधी' घोषित किया है। इस धार्मिक फरमान के बाद से विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
दरअसल, मान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह बेअदबी कानून में संशोधन करने के निर्देश देने के लिए अकाल तख्त की खुले तौर पर आलोचना करते नजर आ रहे थे। इसके बाद से ही सिखों की इस सर्वोच्च संस्था और मुख्यमंत्री के बीच विवाद चरम पर पहुंच गया है।
यह पहली बार नहीं है जब मुख्यमंत्री भगवंत मान किसी डिटॉक्स प्रोग्राम का हिस्सा बनने बेंगलुरु पहुंचे हैं। इससे पहले अक्टूबर 2022 में भी वह बेंगलुरु के एक नामचीन प्राइवेट वेलनेस फैसिलिटी सेंटर में गए थे। उस समय विपक्ष ने मुख्यमंत्री की शराब पीने की आदतों को लेकर काफी बवाल काटा था।
तब आम आदमी पार्टी (AAP) ने सफाई देते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री अपने व्यस्त शेड्यूल के कारण सिर्फ रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए गए हैं। बाद में खुद भगवंत मान ने सार्वजनिक मंचों से यह घोषणा की थी कि उन्होंने जनता की सेवा के लिए शराब पूरी तरह से छोड़ दी है। इस बार भी सरकार का कहना है कि यह दौरा पहले से तय था और इसका हालिया विवादों से कोई संबंध नहीं है।
Location : Chandigarh
Published : 2 July 2026, 12:28 PM IST