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सरायकेला में बड़ा हादसा (Img: Dynamite News)
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह मामला गंभीर और संदिग्ध पाया गया है। अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस जगह हाथी का शव मिला, वहां बड़े पैमाने पर अवैध बालू का भंडारण किया जाता है। खनन विभाग पहले भी इस क्षेत्र से कई बार बालू जब्त कर चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लगातार ट्रकों की आवाजाही और अवैध गतिविधियों से वन्यजीवों का प्राकृतिक मार्ग बाधित हो रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाथी को करंट कैसे लगा। आशंका जताई जा रही है कि अवैध बालू कारोबारियों द्वारा हाथियों को भगाने के लिए जंगल में अवैध बिजली तार बिछाए गए हो सकते हैं। यदि यह पुष्टि होती है तो यह वन्यजीव संरक्षण कानून का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि कॉरिडोर में अवैध बालू भंडारण की जानकारी होने के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। न ही एलिफेंट ड्राइव टीम की तैनाती की गई और न ही बिजली विभाग के साथ मिलकर जांच की गई। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जिला परिषद उपाध्यक्ष मधुश्री महतो ने कहा कि प्रारंभिक तौर पर मौत करंट से प्रतीत होती है। बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है। यदि अवैध तार की पुष्टि होती है तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और गैर-जमानती मामला दर्ज होगा।
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पिछले एक वर्ष में इसी क्षेत्र में हाथी के बच्चे की मौत सहित तीन घटनाएं हो चुकी हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने दलमा कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही उन्होंने आग्रह किया है कि हाथियों के कॉरिडोर को अवैध गतिविधियों और अतिक्रमण से मुक्त किया जाए, ताकि वन्यजीवों और मानव जीवन दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
Location : Seraikela
Published : 6 May 2026, 11:10 AM IST