“जंतर-मंतर से लेकर विदेश नीति तक…” मौलाना कल्बे जवाद नकवी की मुजफ्फरनगर से हुंकार, जानिए क्या-क्या कहा?

मुजफ्फरनगर में मोहर्रम की मजलिस के दौरान शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने जंतर-मंतर छात्र आंदोलन, पेपर लीक मामले, भारत-इजरायल संबंधों और सामाजिक सौहार्द पर अपनी राय रखी। उन्होंने छात्रों के समर्थन में बयान देते हुए सरकारी नीतियों और विदेश नीति पर भी टिप्पणी की।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 July 2026, 12:07 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में शनिवार रात शहर के सराफा बाजार स्थित शिया मोहल्ले में एक मजलिस में शामिल होने पहुंचे प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने मीडिया से करते हुए दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और भारत-इजरायल संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया।

जंतर-मंतर आंदोलन पर जताया समर्थन

मोहर्रम के मौके पर आयोजित मजलिस के बाद उन्होंने कहा कि आज  शहादत का दिन है, इसीलिए मजलिस हो रही है। जंतर-मंतर आंदोलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की मेहनत रंग लाई है, उन्हें मुबारकबाद देता हूं। पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान को बहुत पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, क्योंकि इस पूरे मामले में अरबों रुपये का खेल हुआ है। देर आए दुरुस्त आए।

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छात्रों पर कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर ज्यादती हुई है, कई बच्चे जख्मी हुए हैं। मैंने आंदोलन के कई वीडियो देखे हैं। जो बुलेट इजरायल से कश्मीर में इस्तेमाल के लिए आई थीं, वही बुलेट इन बच्चों पर इस्तेमाल की गई है। सरकार को चाहिए कि जिन पुलिसकर्मियों ने बच्चों पर जुल्म किया है, उन पर जांच कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सामाजिक सौहार्द पर दिया संदेश

देश के मौजूदा हालात पर उन्होंने कहा कि अंग्रेज जो नफरत छोड़ गए थे, उसी पर आज अमल हो रहा है। कट्टरपंथी आगे बढ़ रहे हैं, जो हिंदुस्तान के मिजाज के खिलाफ है। हिंदुस्तान मोहब्बत, भाईचारे और दोस्ती का मुल्क है। यहां नफरत बोने वालों को कभी कामयाबी नहीं मिली। हिंदुस्तान एक गुलदस्ते की तरह है, जिसमें हर मजहब, हर समाज के फूल हैं। एक ही रंग के फूल से गुलदस्ता कभी नहीं महकता।

सरकारी योजनाओं पर उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ सर्व समाज तक नहीं पहुंच रहा, अफसरशाही उन्हें बीच में ही खत्म कर देती है।

भारत-इजरायल संबंधों पर भी रखी राय

भारत-इजरायल संबंधों पर उन्होंने कहा कि समझ नहीं आता इन रिश्तों से भारत को क्या मिल रहा है। इजरायल से न असलाह, न गैस, न यूरिया, न तेल मिलता है। इससे केवल मुसलमानों से नफरत ही मिलती है। ये संबंध नुकसानदेह हैं। देश को 60 प्रतिशत तेल, 90 प्रतिशत गैस और 100 प्रतिशत यूरिया मुस्लिम देशों से मिलता है, इसलिए तरक्की के लिए उन्हीं से दोस्ती जरूरी है।

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सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिप्पणी

सरकारी योजनाओं का लाभ सर्व समाज तक नहीं पहुंच रहा, अफसरशाही उन्हें बीच में ही खत्म कर देती है , जिससे आम जनता सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाती है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  26 July 2026, 12:07 PM IST