
BSP प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद के ससुर को पार्टी से निकाला (Img: AI Generated Image)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। चुनाव को लेकर सभी दलों ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी है। कई दलों में सियासी उठापठक देखने को मिल रही है। यूपी में बढ़ रहे सियासी तापमान के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के अंदर ही बड़ी सियासी स्ट्राइक कर डाली।
मायवाती ने चुनाव में उतरने से पहले पार्टी संगठन में बड़े बदलाव करते हुए कई पुराने साथियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से निकाल दिया है। इसके साथ ही रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
मायावती ने इस तरह के बड़े फैसले ठीक ऐसे समय लिये हैं, जब सभी राजनीतिक दल अपने अपने संगठन को मजबूत करने में लगे हुए हैं और पुराने लोगों की पार्टियों में वापसी करा रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कहीं मायावती के इस सियासी वार से ‘हाथी’ बेहाल न हो जाए और उसकी सियासी राह आसान होने के बजाए और कठिन न हो जाए।
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1. जैसाकि सर्वविदित है कि श्री अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद को महाराष्ट्र के चुनाव में खा़सकर पार्टी टिकट के बंटवारे को लेकर बी.एस.पी. महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष आदि के साथ सही से तालमेल करके नहीं चलने की वजह से अनुशासनहीनता व दिशा-निर्देश का उल्लंघन करने पर पार्टी से निष्कासित कर…
— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2026
मायावती ने जिन लोगों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है, उन पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया है। जिन लोगों को पार्टी से निष्कासित किया गया है, उनके कई अपने करीबी अभी भी बसपा के अंदर हैं। अपने करीबियों को बाहर निकालने के कारण पार्टी के अंदर मौजूद ऐसे लोगों में आक्रोश पनप सकता है। इसका एक उदाहरण अशोक सिद्धार्थ हैं, जो आकाश आनंद के ससुर हैं। मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने कभी नहीं चाहा होगा कि उनके ससुर को कभी इस बेकदरी के साथ पार्टी से निकाला जाएगा।
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जानकारी के अनुसार, मायावती ने बसपा कोऑर्डिनेटर रणधीर सिंह बेनीवाल को भी पार्टी से निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर करने से पहले मायावती ने उनसे दिल्ली, कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल राज्यों का प्रभार भी वापस ले लिया। जिसके बाद सोशल मीडिया पर आधिकारिक पोस्ट के द्वारा दोनों नेताओं के निष्कासन का ऐलान किया गया था। बसपा प्रमुख के अनुसार, यूपी में विधानसभा आम चुनावों की तैयारी के लिए उम्मीदवारों को तय करने का अधिकार पूर्ण रूप से उनके पास है, उन्होंने लखनऊ पार्टी कार्यालय में खुद बैठकर दो दर्जन से अधिक उम्मीदवार तय किए।
Location : Lucknow
Published : 2 August 2026, 2:19 PM IST