CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा इंडी गठबंधन, आज राष्ट्रपति भवन तक निकालेगा मार्च

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और वोट चोरी के आरोपों को लेकर इंडी गठबंधन आज आर-पार के मूड में है। राहुल गांधी और ममता बनर्जी समेत विपक्ष के शीर्ष नेता राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकालेंगे।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 9 October 2026, 8:14 AM IST

New Delhi: देश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उबाल देखने को मिल रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी इंडी गठबंधन ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी जैसे गंभीर आरोपों के साथ विपक्षी दल आज सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है।

संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक निकलेगा मार्च

मिली जानकारी के मुताबिक, इंडी गठबंधन के सांसद आज सबसे पहले संसद भवन परिसर में इकट्ठा होंगे। इसके बाद वहां से एक कड़े विरोध मार्च की शक्ल में राष्ट्रपति भवन की ओर कूच किया जाएगा। विपक्ष का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलकर उन्हें चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और अनियमितताओं के साक्ष्य सौंपना है। इसके साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने की औपचारिक मांग भी राष्ट्रपति के समक्ष रखी जाएगी।

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विपक्षी दिग्गजों का दिल्ली जमावड़ा और मुलाक़ात का इंतजार

हालांकि राष्ट्रपति भवन की ओर से विपक्षी नेताओं को अभी तक मुलाकात का कोई निश्चित समय नहीं दिया गया है, लेकिन प्रदर्शन की रणनीति पहले ही तय कर ली गई है। राहुल गांधी ने खुद पहल करते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, राजद नेता तेजस्वी यादव और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे जैसे गठबंधन के तमाम शीर्ष नेताओं को विशेष तौर पर दिल्ली बुलाया है।

कोलकाता से रवाना होने से पहले ममता बनर्जी ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि वोट चोरी के इस अहम मुद्दे पर चर्चा और विरोध के लिए उन्हें राजधानी बुलाया गया है। विपक्षी खेमे का कहना है कि उन्होंने दो अक्टूबर को पहला अनुरोध पत्र भेजा था और बाद में पांच अक्टूबर को नेताओं के नामों की सूची के साथ सात, नौ और दस अक्टूबर के बीच का समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

संविधान सदन में बैठक और आगे की रणनीति

राष्ट्रपति से मिलने का समय न मिलने की स्थिति में विपक्षी दलों ने अपने सभी विकल्प खुले रखे हैं। शुक्रवार दोपहर तीन बजे विपक्षी सांसद संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में एक अहम बैठक करेंगे, जिसमें आगे के विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा तय की जाएगी।

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सूत्रों के अनुसार, यदि मुलाकात का समय नहीं मिलता है, तो विरोध का दायरा और व्यापक हो सकता है। इस दौरान सेवा तीर्थ, राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवासों के बाहर भी प्रदर्शन किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि विपक्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपनी आवाज बुलंद करेगा। बहरहाल, आज का दिन राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति के लिए बेहद हंगामेदार रहने वाला है, क्योंकि इंडी गठबंधन अपनी मांगों पर अब आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  9 October 2026, 8:14 AM IST