
शिंदे गुट का मास्टरस्ट्रोक (फोटो सोर्स- Pinterest)
Mumbai: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खेमे से 6 लोकसभा सांसदों को अपने पाले में करने के बाद अब मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एक नए और बेहद आक्रामक मिशन पर नजर आ रहे हैं।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना अब देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अपना एक नया और भव्य 'सेना भवन' बनाने की तैयारियों में जुट गई है। इस नए मुख्यालय के लिए मुंबई के दो सबसे महत्वपूर्ण और वीआईपी इलाकों दादर और बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में जमीन की तलाश बेहद तेज कर दी गई है। इस कदम को उद्धव ठाकरे के वर्चस्व को उनके ही गढ़ में चुनौती देने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहली प्राथमिकता मुंबई का पारंपरिक और मराठी बहुल इलाका 'दादर' है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे ने खुद दो संभावित जगहों का मुआयना भी किया है। इनमें से एक जगह बीकेसी (BKC) में स्थित है, जो उद्धव ठाकरे के निजी आवास 'मातोश्री' से महज कुछ ही दूरी पर है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि शिंदे मातोश्री के पास या दादर में नया सेना भवन खड़ा करने में कामयाब होते हैं, तो यह महाराष्ट्र की राजनीति में एक बिल्कुल नया समीकरण शुरू करेगा। इस रणनीतिक कदम पर इस समय पूरे राज्य की राजनीतिक पार्टियों की नजरें टिकी हुई हैं।
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दरअसल, लोकसभा चुनाव के बाद से एकनाथ शिंदे पूरे महाराष्ट्र में अपनी पार्टी का तेजी से विस्तार करने में जुटे हैं। सांसदों और विधायकों की बढ़ती संख्या के बाद अब शिंदे गुट को मुंबई में एक स्थायी और भव्य 'केंद्रीय मुख्यालय' की जरूरत शिद्दत से महसूस हो रही है। इसी के चलते मूल शिवसेना भवन की तर्ज पर नए ठिकाने की खोज जारी है।
हालांकि, पार्टी के भीतर एक धड़े का मानना है कि मराठी अस्मिता और आम जनता के हकों के लिए बनी शिवसेना का कामकाज बीकेसी जैसी कॉरपोरेट और व्यावसायिक जगह से चलाना उचित नहीं होगा। यही वजह है कि एकनाथ शिंदे की व्यक्तिगत इच्छा भी नया सेना भवन दादर जैसे पारंपरिक मराठी बहुल इलाके में ही बनाने की है, क्योंकि यह क्षेत्र शिवसेना की स्थापना के समय से ही राजनीति का मुख्य केंद्र रहा है।
बताया जा रहा है कि दादर स्थित एक जमीन को लेकर पार्टी के भीतर सकारात्मक चर्चा चल रही है और इसे जल्द ही फाइनल किया जा सकता है। हालांकि, उस जगह में कुछ तकनीकी कमियां हैं, जिन पर पार्टी के शीर्ष नेता और आर्किटेक्ट्स आपस में विमर्श कर रहे हैं। मुंबई पर अपनी राजनीतिक पकड़ को मजबूत बनाए रखने और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी ताकत का लोहा मनवाने के लिए शिंदे गुट को एक सुसज्जित और विशाल केंद्रीय कार्यालय की सख्त आवश्यकता है। इसी दीर्घकालिक रणनीति के तहत नए सेना भवन के निर्माण की कवायद को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया गया है।
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महाराष्ट्र के मौजूदा सियासी परिदृश्य में एकनाथ शिंदे का राजनीतिक कद और प्रभाव बहुत तेजी से बढ़ा है। उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों को अपनी तरफ तोड़ने के बाद वह संसद में महाराष्ट्र से लोकसभा सांसदों के मामले में सबसे बड़े क्षेत्रीय दल के रूप में उभर चुके हैं। इस बढ़ती ताकत के बीच संगठन को नया स्वरूप देने के लिए अब 'सेना भवन' के निर्माण की चर्चा ने तूल पकड़ लिया है। माना जा रहा है कि इस बड़े प्लान पर अगले कुछ ही दिनों में जमीनी काम शुरू हो जाएगा, जो आगामी विधानसभा और निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक और बड़ा मनोवैज्ञानिक बदलाव साबित हो सकता है।
Location : Mumbai
Published : 23 June 2026, 1:04 PM IST