MLC चुनाव में कांग्रेस का सूपड़ा साफ! कर्नाटक में BJP-JD(S) ने पलटी बाजी, 2028 से पहले बढ़ी सियासी हलचल

चार राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों के नतीजों ने कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी का खाता तक नहीं खुला, जबकि कर्नाटक में सत्ता में रहने के बावजूद उसे चारों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 October 2026, 3:59 PM IST
google-preferred

New Delhi: विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 MLC सीटों के लिए हुई मतगणना में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। सबसे ज्यादा चर्चा कर्नाटक के नतीजों की हो रही है, जहां सत्ता में होने के बावजूद पार्टी को अपनी चारों सीटें गंवानी पड़ीं। इन सीटों पर BJP और जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन ने जीत दर्ज की।

कर्नाटक में कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका

कर्नाटक में कांग्रेस की हार इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि राज्य में 2023 से पार्टी की सरकार है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने चुनाव प्रचार के लिए मंत्रियों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में जाने के निर्देश दिए थे। 23 अक्टूबर को हुए इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने वोट डाले।

बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में JD(S) के उम्मीदवार ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट हासिल हुए। इस हार के साथ कांग्रेस के हाथ से यह सीट भी निकल गई।

ये भी पढ़ें- DK शिवकुमार को बड़ा झटका, 4-0 से जीता NDA; 2028 चुनाव पर अभी से नजर!

BJP ने तीन सीटों पर बरकरार रखा कब्जा

कर्नाटक में BJP ने बाकी तीन सीटों पर अपना कब्जा कायम रखा। शशिल जी. नमोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र, एस.वी. संकानूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और के.एम. सुरेश ने दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर जीत दर्ज की। शशिल जी. नमोशी की जीत इसलिए भी चर्चा में रही, क्योंकि उनके निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी शामिल है, जो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह क्षेत्र है।

BJP नेताओं ने नतीजों को कांग्रेस सरकार के कामकाज पर जनता की नाराजगी से जोड़कर देखा। वहीं, केंद्रीय मंत्री और JD(S) प्रमुख एच.डी. कुमारस्वामी ने गठबंधन के प्रदर्शन को 2028 के विधानसभा चुनावों के लिहाज से अहम बताया।

यूपी, बिहार और महाराष्ट्र में भी कांग्रेस खाली हाथ

उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर मुकाबला हुआ। यहां BJP और समाजवादी पार्टी प्रमुख दावेदार रहे। BJP ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और लखनऊ की सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा, जबकि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक और आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।

बिहार की आठ सीटों के चुनाव में अलग-अलग दलों को सफलता मिली। राष्ट्रीय जनता दल ने पटना शिक्षक सीट, BJP ने तिरहुत शिक्षक सीट और जन सुराज पार्टी ने दरभंगा में अपनी पहली विधान परिषद सीट जीती। निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की। जन सुराज की जीत से कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा को हार का सामना करना पड़ा।

ये भी पढ़ें- धार्मिक परंपराओं पर राजनीतिक दिखावा नहीं चलेगा! मद्रास हाई कोर्ट ने गैर-हिंदुओं के मंदिर प्रवेश पर लगाई सख्त शर्तें

महाराष्ट्र में पांच सीटों पर सत्ताधारी महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच मुकाबला था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मतगणना के दौरान शुरुआती रुझान BJP के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन के पक्ष में रहे।

क्या 2028 के चुनावों पर पड़ेगा असर?

इन नतीजों को कांग्रेस के लिए संगठनात्मक स्तर पर झटका माना जा रहा है। खासकर कर्नाटक में सत्ता में रहने और प्रचार के लिए मंत्रियों को उतारने के बावजूद चारों सीटों पर हार पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

Location :  New Delhi

Published :  28 October 2026, 3:59 PM IST

Related News

No related posts found.

Advertisement