
पेपर लीक पर राहुल गांधी का बड़ा वार (Img: @RahulGandhi)
New Delhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बड़े बदलावों की तत्काल आवश्यकता है और इस मामले पर देशव्यापी चर्चा की मांग की।
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि देश भर के छात्र शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्ट, अन्यायपूर्ण, पक्षपाती और बेईमान बता रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां शिक्षा का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को संवारना होना चाहिए, वहीं मौजूदा व्यवस्था उन्हें कर्ज, तनाव और निराशा की ओर धकेल रही है।
ये भी पढ़ें - राहुल गांधी मानहानि मामले पर जबलपुर हाईकोर्ट में आज सुनवाई, समन रद्द करने की याचिका पर होगी बहस
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं अक्सर हो रही हैं। उनके अनुसार, इससे लाखों छात्रों की वर्षों की कड़ी मेहनत बर्बाद हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की जाती है, जबकि छात्रों को ही इसके परिणाम भुगतने पड़ते हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा में भ्रष्टाचार और छात्रों की समस्याओं के संबंध में जवाबदेही से बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है और छात्रों के हितों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने छात्रों से 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित होने वाले 'छात्रों की गूंज' अभियान में भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों की समस्याओं और शैक्षिक सुधारों से जुड़े मुद्दों को उठाना है।
ये भी पढ़ें - प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम की तारीख बदली, जानिये नई डेट और पूरा शेड्यूल
इससे पहले, 17 जून को राजस्थान के कोटा में 'छात्रों की गूंज' अभियान की पहली रैली में राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, पेपर लीक, बेरोजगारी और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव जैसे मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा था कि मौजूदा सिस्टम छात्रों को मौके देने के बजाय तनाव और निराशा की ओर धकेल रहा है, और शिक्षा व्यवस्था में सुधार करना समय की जरूरत है।
Location : New Delhi
Published : 13 July 2026, 5:08 PM IST