अंकिता के न्याय के लिए दिल्ली में संग्राम: इंडिया गेट पर बैठे परिजनों से मिलने पहुंचे राहुल और प्रियंका

अंकिता भंडारी के परिवार ने राज्यपाल की नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग क्यों की? इंडिया गेट पर राहुल और प्रियंका गांधी की मुलाकात के बाद मामला फिर चर्चा में है।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 14 October 2026, 9:39 PM IST
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New Delhi: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर उत्तराखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में अंकिता भंडारी का परिवार बुधवार को दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठा। शाम को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी धरनास्थल पर पहुंचे। दोनों ने अंकिता के परिवार से मुलाकात की और उनके साथ बैठकर बातचीत की। रात करीब नौ बजे राहुल गांधी धरनास्थल से लौट गए।

अंकिता की मां बोलीं- राष्ट्रपति हमारी भावनाओं को समझें

अंकिता भंडारी की मां सोनी देवी ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल बनाए जाने की खबर पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि 12 तारीख को जब उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी मिली, तो उन्हें बहुत दुख हुआ।

सोनी देवी ने राष्ट्रपति से अपील करते हुए कहा कि वह स्वयं एक महिला हैं और उनकी भावनाओं को समझ सकती हैं। उन्होंने मांग की कि जब तक दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ सीबीआई जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी राज्यपाल के रूप में नियुक्ति की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए।

अंकिता के पिता ने भी उठाई नियुक्ति रोकने की मांग

धरने के दौरान अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल नियुक्त न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में न्याय सुनिश्चित होना चाहिए।

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परिवार की मांग अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित वीआईपी के मुद्दे और उसकी जांच से संबंधित है। हालांकि, दुष्यंत कुमार गौतम के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों और उनकी भूमिका से जुड़े दावों को जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

इंडिया गेट पर पुलिस पहुंची, धारा 163 का हवाला

बुधवार शाम करीब 7:35 बजे अंकिता भंडारी के परिवार के इंडिया गेट पर धरने पर बैठने की जानकारी सामने आई। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के भी वहां पहुंचने की खबर आई। दोनों शाम करीब 7:56 बजे धरनास्थल पर पहुंचे और परिवार के साथ बैठकर बातचीत की।

शाम करीब आठ बजे पुलिस भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंची। वहां अनाउंसमेंट के जरिए बताया गया कि इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है।

उत्तराखंड में भी कांग्रेस कर रही विरोध

दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद कांग्रेस इस फैसले पर सवाल उठा रही है। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल मंगलवार को देहरादून के गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास पर बैठे थे।

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गोदियाल ने मांग की थी कि अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी से जुड़े पहलुओं की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि मामले से जुड़े सवालों का समाधान किए बिना दुष्यंत कुमार गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किए जाने से लोगों की चिंताएं बढ़ी हैं।

कांग्रेस इस मुद्दे को महिला सुरक्षा, न्याय और उत्तराखंड की जनभावनाओं से जोड़ते हुए नियुक्ति का विरोध कर रही है। वहीं, अंकिता का परिवार सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति प्रक्रिया रोकने की मांग कर रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  14 October 2026, 9:36 PM IST

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