सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द क्यों होता है? जानें संकेत और इलाज
सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द होना अक्सर प्लांटर फैसाइटिस का संकेत हो सकता है। यह पैर के तलवे की नस में सूजन के कारण होता है। गलत जूते, लंबे समय तक खड़े रहना और तनाव इसकी वजह बन सकते हैं।
सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द महसूस होना एक आम समस्या है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसका सबसे प्रमुख कारण प्लांटर फैसाइटिस हो सकता है, जिसमें पैर के तलवे की लिगामेंट में सूजन आ जाती है। रातभर आराम के बाद सुबह पहले कदम पर चुभन और जकड़न अधिक महसूस होती है, जो थोड़ी देर चलने पर कम हो जाती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
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एड़ी दर्द का दूसरा बड़ा कारण एचिलीस टेंडिनाइटिस हो सकता है, जिसमें पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी से जोड़ने वाली नस में सूजन आ जाती है। यह समस्या खासकर दौड़ने वालों या अधिक शारीरिक गतिविधि करने वालों में देखी जाती है। इसमें दर्द केवल सुबह ही नहीं, बल्कि दिनभर भी बना रह सकता है और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
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कुछ मामलों में एड़ी का दर्द रूमेटॉइड आर्थराइटिस या थायरॉयड जैसी बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है। रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्यून सिस्टम जोड़ों पर असर डालती है, जिससे सूजन और दर्द बढ़ता है। वहीं हाइपोथायरॉयडिज्म में हार्मोन असंतुलन के कारण पैरों में सूजन और सुबह उठते ही जकड़न व दर्द महसूस हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
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अगर एड़ी का दर्द धीरे-धीरे बढ़ रहा हो और चलने में कठिनाई हो रही हो, तो यह स्ट्रेस फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है। यह हड्डी में छोटी-छोटी दरारों के कारण होता है, जो अधिक दबाव या गलत तरीके से चलने-भागने से विकसित होता है। इसमें दर्द लगातार रहता है और समय के साथ और अधिक गंभीर हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
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शुरुआती स्थिति में एड़ी दर्द को बर्फ की सिकाई, आराम और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से कम किया जा सकता है। सुबह उठने से पहले हल्की पैर की मूवमेंट भी राहत देती है। लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
सुबह उठते ही एड़ी में तेज दर्द महसूस होना एक आम समस्या है, जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। इसका सबसे प्रमुख कारण प्लांटर फैसाइटिस हो सकता है, जिसमें पैर के तलवे की लिगामेंट में सूजन आ जाती है। रातभर आराम के बाद सुबह पहले कदम पर चुभन और जकड़न अधिक महसूस होती है, जो थोड़ी देर चलने पर कम हो जाती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
एड़ी दर्द का दूसरा बड़ा कारण एचिलीस टेंडिनाइटिस हो सकता है, जिसमें पिंडली की मांसपेशियों को एड़ी से जोड़ने वाली नस में सूजन आ जाती है। यह समस्या खासकर दौड़ने वालों या अधिक शारीरिक गतिविधि करने वालों में देखी जाती है। इसमें दर्द केवल सुबह ही नहीं, बल्कि दिनभर भी बना रह सकता है और चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
कुछ मामलों में एड़ी का दर्द रूमेटॉइड आर्थराइटिस या थायरॉयड जैसी बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है। रूमेटॉइड आर्थराइटिस में शरीर की इम्यून सिस्टम जोड़ों पर असर डालती है, जिससे सूजन और दर्द बढ़ता है। वहीं हाइपोथायरॉयडिज्म में हार्मोन असंतुलन के कारण पैरों में सूजन और सुबह उठते ही जकड़न व दर्द महसूस हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
अगर एड़ी का दर्द धीरे-धीरे बढ़ रहा हो और चलने में कठिनाई हो रही हो, तो यह स्ट्रेस फ्रैक्चर का संकेत हो सकता है। यह हड्डी में छोटी-छोटी दरारों के कारण होता है, जो अधिक दबाव या गलत तरीके से चलने-भागने से विकसित होता है। इसमें दर्द लगातार रहता है और समय के साथ और अधिक गंभीर हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
शुरुआती स्थिति में एड़ी दर्द को बर्फ की सिकाई, आराम और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज से कम किया जा सकता है। सुबह उठने से पहले हल्की पैर की मूवमेंट भी राहत देती है। लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)