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यह अध्ययन दिल्ली की नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के शोधकर्ताओं ने नोएडा स्थित एक एनवायरनमेंटल कंसल्टेंसी टीम के साथ मिलकर किया। ‘रेस्पिरेटरी डिपोजिशन ऑफ पार्टिकुलेट मैटर इन दिल्ली’ नाम के इस शोध पत्र में 2019 से 2023 के बीच दिल्ली के 39 एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के डेटा का विश्लेषण किया गया। (Img- Internet)
Published : 20 December 2025, 2:20 PM IST