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पॉजिटिव विचार जैसे प्रेम, करुणा और शांति शरीर की हीलिंग प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं। वहीं ईर्ष्या, गुस्सा और असंतोष जैसे निगेटिव विचार लंबे समय तक बने रहें तो तनाव हार्मोन बढ़ाते हैं। डॉक्टर मानते हैं कि यही तनाव आगे चलकर हाई बीपी, एंग्जायटी और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
पॉजिटिव विचार जैसे प्रेम, करुणा और शांति शरीर की हीलिंग प्रक्रिया को सपोर्ट करते हैं। वहीं ईर्ष्या, गुस्सा और असंतोष जैसे निगेटिव विचार लंबे समय तक बने रहें तो तनाव हार्मोन बढ़ाते हैं। डॉक्टर मानते हैं कि यही तनाव आगे चलकर हाई बीपी, एंग्जायटी और अन्य बीमारियों का कारण बन सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)