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मेडिकल और साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हमारे विचार और भावनाएं सीधे तौर पर हमारी सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक एक जैसे निगेटिव विचारों में फंसे रहना मानसिक तनाव बढ़ाता है, जो धीरे-धीरे शारीरिक बीमारियों का रूप ले सकता है। इसलिए इमोशनल हेल्थ को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
मेडिकल और साइकोलॉजी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि हमारे विचार और भावनाएं सीधे तौर पर हमारी सेहत को प्रभावित कर सकती हैं। लंबे समय तक एक जैसे निगेटिव विचारों में फंसे रहना मानसिक तनाव बढ़ाता है, जो धीरे-धीरे शारीरिक बीमारियों का रूप ले सकता है। इसलिए इमोशनल हेल्थ को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है।(फोटो सोर्स- इंटरनेट)