नॉनवेज डाइट में प्रोटीन जरूरी है, लेकिन हर मीट एक जैसा असर नहीं करता। रिसर्च और एक्सपर्ट्स की मानें तो चिकन और मटन में पोषण, फैट और सेहत पर प्रभाव को लेकर बड़ा फर्क है, जिसे जानना आपके लिए जरूरी हो सकता है।

प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, इम्युनिटी और एनर्जी के लिए जरूरी पोषक तत्व है। नॉनवेज खाने वालों के लिए चिकन और मटन प्रमुख प्रोटीन स्रोत हैं, लेकिन दोनों के पोषण मूल्य और शरीर पर असर अलग-अलग होते हैं। सही विकल्प चुनना सेहत के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।(फोटो सोर्स- pexels)
रिसर्च के अनुसार मटन में प्रोटीन के साथ फैट की मात्रा भी ज्यादा होती है। ज्यादा मटन फैट लेने से वजन बढ़ना, ब्लड शुगर असंतुलन, कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ने का खतरा रहता है। लंबे समय तक नियमित सेवन लिवर और हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है।(फोटो सोर्स- pexels)
चिकन को लीन प्रोटीन माना जाता है, खासकर चिकन ब्रेस्ट में प्रोटीन ज्यादा और फैट कम होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट नहीं होते और कैलोरी भी सीमित रहती है। यही वजह है कि डाइट फॉलो करने वालों के लिए चिकन बेहतर विकल्प माना जाता है।(फोटो सोर्स- pexels)
चिकन में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा मटन से कम होती है। इसलिए हार्ट डिजीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए चिकन को अपेक्षाकृत सुरक्षित नॉनवेज प्रोटीन माना जाता है।(फोटो सोर्स- pexels)
विशेषज्ञों के अनुसार रोजमर्रा की डाइट में चिकन का सेवन ज्यादा संतुलित और सुरक्षित है। मटन को कभी-कभार और सीमित मात्रा में खाना बेहतर रहता है। अगर प्रोटीन के साथ हेल्थ भी प्राथमिकता है, तो चिकन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।(फोटो सोर्स- pexels)