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काशी में इस कचौड़ी को कभी भी सूखा या रूखा नहीं परोसा जाता है। इसके साथ बिना लहसुन और प्याज वाली आलू-चने की रसेदार, चटपटी और तीखी सब्जी दी जाती है। पारंपरिक पत्तल के दोने में जब इस कुरकुरी कचौड़ी को मसालेदार सब्जी में डुबोकर खाया जाता है, तो मुंह में स्वाद का धमाका होता है। स्थानीय लोग और पर्यटक इसे चाव से खाते हैं। (Img- Pinterest)
Published : 19 August 2026, 3:51 PM IST