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पांच प्रमुख मंत्रालयों में उच्चस्तरीय बैठकें(सोर्स-इंटरनेट)
नई दिल्ली: भारत-पाकिस्तान सीमा पर जारी तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के मद्देनजर शुक्रवार को केंद्र सरकार के पांच प्रमुख मंत्रालयों में उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों का उद्देश्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और वित्तीय व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों की स्थिति का व्यापक रूप से आकलन करना था।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, बैठकों में देश के शीर्ष अधिकारी और मंत्रीगण उपस्थित थे, जिन्होंने आगामी रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिण ब्लॉक में सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों और चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान के साथ बैठक की। इस बैठक का मुख्य विषय पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी गतिविधियों और ऑपरेशन सिंदूर की वर्तमान स्थिति का अवलोकन था। इस दौरान भविष्य की सैन्य रणनीति, त्वरित कार्रवाई और सेना के समन्वय को मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। बैठक में यह तय किया गया कि आवश्यकतानुसार सैन्य बलों की तैनाती और सतर्कता को बढ़ाया जाएगा ताकि सीमा पर किसी भी संभावित खतरों का सामना किया जा सके। सेना की सतर्कता और तैयारी को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए, ताकि देश की संप्रभुता की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), खुफिया एजेंसियों के प्रमुख अधिकारियों और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में पाकिस्तान की ओर से सीमा पर हो रही गतिविधियों, नागरिकों की सुरक्षा, और देश के प्रमुख संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा हुई। विशेष ध्यान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने और आतंकी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई पर केंद्रित रहा। बैठक में यह भी तय किया गया कि सीमा पर सतर्कता और निगरानी को और तेज किया जाएगा, और आवश्यकतानुसार त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत किया जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान अस्पतालों की तैयारियों, आपातकालीन सेवाओं, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता और कोविड-19 जैसी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। मंत्रालय ने सभी राज्यों से मेडिकल स्टॉक, आवश्यक उपकरण और संसाधनों की रिपोर्ट मांगी है, ताकि आवश्यकतानुसार तुरंत आवश्यक कदम उठाए जा सकें। यह कदम राष्ट्रीय आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शाम को बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की साइबर सुरक्षा व्यवस्था का आकलन करने के लिए बैठक की अध्यक्षता की। इसमें बैंकों और वित्तीय कंपनियों के साइबर सुरक्षा उपायों का विश्लेषण किया गया। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि साइबर हमलों की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, इस विषय में नई रणनीतियों और तकनीकों को अपनाने पर भी विचार-विमर्श किया गया ताकि वित्तीय प्रणाली की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस बैठक में अनाज भंडारण, वितरण और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिति का विश्लेषण किया गया। सरकार की प्राथमिकता आपातकालीन स्थिति में भी खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इस संबंध में आवश्यक कदम उठाने और वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी स्थिति में जनता को भोजन की कमी न हो।
इन सभी बैठकों के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के सचिवों के साथ एक समन्वय बैठक की। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा, नागरिक आपूर्ति, और प्रशासनिक व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने सभी विभागों को एकीकृत प्रतिक्रिया तंत्र को मजबूत करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके। इस बैठक का उद्देश्य देश में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयासों को सुनिश्चित करना था।
Location : New Delhi
Published : 9 May 2025, 4:10 PM IST
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