
बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या (Img: Google)
Kolkata: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या ने राज्य की राजनीति में नया भूचाल ला दिया है। उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में देर रात हुई इस वारदात के बाद भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने चंद्रनाथ रथ को गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें स्थानीय नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने इस हत्या को पूर्व नियोजित साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि हमलावरों ने कई दिनों तक रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं और जांच जारी है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि चंद्रनाथ रथ सिर्फ उनके निजी सहायक नहीं थे, बल्कि वर्षों से उनके सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल थे। पार्टी के कई बड़े नेताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई है।
चंद्रनाथ रथ का जीवन काफी दिलचस्प रहा। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत भारतीय वायुसेना से की थी। लंबे समय तक एयरफोर्स में सेवा देने के बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली। इसके बाद कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में भी काम किया।
धीरे-धीरे वह राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों से जुड़ते गए। वर्ष 2019 में जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री थे तब चंद्रनाथ उनकी टीम का हिस्सा बने। इसके बाद उन्होंने संगठनात्मक कार्यों और राजनीतिक समन्वय में अहम भूमिका निभाई।
दिलचस्प बात यह है कि चंद्रनाथ रथ का परिवार पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हसी रथ पूर्वी मेदिनीपुर में पंचायत स्तर पर सक्रिय राजनीति में रही थीं। हालांकि, जब सुवेंदु अधिकारी ने टीएमसी छोड़ भाजपा का दामन थामा तब चंद्रनाथ रथ का परिवार भी भाजपा में शामिल हो गया। इसके बाद वह लगातार भाजपा संगठन में सक्रिय रहे और सुवेंदु अधिकारी के बेहद करीबी माने जाने लगे।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, चंद्रनाथ रथ चुनावी रणनीतिअभियान प्रबंधन और राजनीतिक समन्वय जैसे संवेदनशील कामों में शामिल रहते थे। भाजपा के कई बड़े अभियानों में उन्होंने पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्हें सुवेंदु अधिकारी का ‘सबसे भरोसेमंद साथी’ माना जाता था। यही वजह है कि उनकी हत्या ने भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच गहरी नाराजगी पैदा कर दी है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
Location : Kolkata
Published : 7 May 2026, 8:29 AM IST